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Pong Lake की खूबसूरती को चार-चांद लगा रहे मेहमान परिंदे, पहली बार मिली एक नई प्रजाति

February 5, 2023

Pong Lake की खूबसूरती को चार-चांद लगा रहे मेहमान परिंदे, पहली बार मिली एक नई प्रजाति

फतेहपुर : मौसम के बदलते मिजाज़ के साथ प्रकृति के विभिन्न रंगों में सराबोर रहने वाला पौंग बांध जलाशय, जिसे महाराणा प्रताप सागर के नाम से भी जाना जाता है, के इर्द-गिर्द सुबह से शाम तक पानी के अंदर और बाहर विदेशी मेहमान परिंदों की दिल को छू लेने वाली अठखेलियां जहां पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करती हैं वहीं पौंग झील की खूबसूरती को भी चार-चांद लगा रही हैं। इनमें से अधिकांश पक्षी ट्रांस- हिमालयी क्षेत्न के तिब्बत, मध्य एशिया, रूस और साइबेरिया के अपने प्रजनन स्थलों से पलायन करते हैं।

डीएफओ वन्य प्राणी विंग हमीरपुर रेगिनॉल्ड रॉयस्टॉन ने बताया कि 30 तथा 31 जनवरी को वन्य प्राणी विंग, वन विभाग के कर्मियों के साथ-साथ वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, दि बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी सहित राज्य जैव प्रौद्योगिकी बोर्ड तथा पक्षी प्रेमियों के सहयोग से करवाई गई गणना के अनुसार इस वर्ष 108 प्रजातियों के एक लाख सत्नह हज़ार बाईस मेहमान परिंदों ने अब तक दस्तक दी है जबकि आने वाले दिनों में पक्षियों की आबादी और प्रजातियों की संख्या उनके प्रजनन स्थलों में वापसी के दौरान बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि अब उत्तर- पश्चिम मध्य और दक्षिण भारत से पिक्षयों का पौंग झील में आगमन शुरू हो जाएगा।

उनका कहना है कि पौंग झील में आने वाले परिंदों की हर वर्ष गणना की जाती है लेकिन यह प्रसन्नता का विषय है कि पिछले वर्ष 110309पिक्षयों की तुलना में इस वर्ष 6713 की वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष सबसे अधिक वृद्धि उत्तरी पिंटेल की दर्ज की गई है जो पिछले वर्ष के 4665 के आंकडे से बढ़कर इस वर्ष 15784 हो गई है। इसके अतिरिक्त बार हेडेड गीज़ की गणना में भी वृद्धि दर्ज हुई है जो पिछले वर्ष की संख्या से 2665 अधिक है।

हिमाचल प्रदेश में पहली बार मिली एक नई प्रजाति : लंबी पूंछ वाली बत्तख

डीएफओ ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष पहली बार सुगनाडा क्षेत्न में बोटिंग पॉइंट के पास लम्बी पूंछ वाली बतख पाई गई है। यह बतख अधिकतर अमेरिकन महाद्वीप में पाई जाती है। इससे पहले भारत में कश्मीर घाटी में ही इस प्रजाति की एक बतख पाई गई है। इस वर्ष अन्य प्रमुख प्रजातियों में यूरेशियन कूट (13035), उत्तरी पिंटेल (15784), कॉमन टील (6478) हैं। कॉमन पोचर्ड (8096), यूरेशियन कबूतर (1674), लिटिल कॉर्मोरेंट (6565), नॉर्दर्न शोवेलर (1518) और ग्रेट कॉर्मोरेंट (2768) झील में रिपोर्ट की गई जबकि अन्य असामान्य प्रजातियों में लेसर व्हाइट, फ्रंटेड गूज, रेड क्रेस्टेड पोचर्ड, फेरु गिनस पोचर्ड, पाइड एवोकेट, नॉर्दर्न लैपविंग, कॉमन केस्ट्रेल आदि पाई गई। मतगणना अभ्यास के दौरान एक रिंग्ड बार- हेडेड गूज भी देखा गया।

कृषि मंत्नी चंद्र कुमार का कहना है कि पौंग झील में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं तथा इस क्षेत्न को पर्यटन की दृष्टि से विकिसत कर विश्व के पर्यटन मानचित्न पर लाने के लिये हर संभव प्रयास किये जायेंगे जिससे स्थानीय लोगों को विशेषकर बेरोजगार युवाओं को रोज़गार व स्वरोजगार के बेहतर अवसर सुनिश्चित हो सकें। उपायुक्त डॉ निपुण जिंदल ने बताया कि मुख्यमंत्नी सुखिवंद्र सिंह सूक्खु के दिशानिर्देशानुसार इस क्षेत्न में पर्यटन गतिविधियों को बढावा देने के लिए इको टूरिज्म सहित अन्य रोजगारोन्मुखी गतिविधियों को विकिसत करने की संभावनाओं पर विशेष कार्य किया जाएगा।

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