Last Updated: October 27, 2026

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आपदा के समय त्वरित संचार का प्रभावी माध्यम हैम रेडियो : अपूर्व देवगन

August 22, 2026

आपदा के समय त्वरित संचार का प्रभावी माध्यम हैम रेडियो : अपूर्व देवगन

मंडी: हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में प्रशिक्षित हैम रेडियो ऑपरेटरों का मजबूत नेटवर्क तैयार करना आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा। यह बात उपायुक्त अपूर्व देवगन ने शुक्रवार को डीआरडीए सभागार मंडी में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन कही। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी के संयुक्त तत्वावधान में “हैम रेडियो आपातकालीन स्थितियों और आपदाओं के दौरान वैकल्पिक संचार” विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि आपदा के समय जब मोबाइल नेटवर्क और अन्य पारंपरिक संचार व्यवस्थाएं बाधित या पूरी तरह ठप हो जाती हैं, तब हैम रेडियो के माध्यम से बिना मोबाइल नेटवर्क के भी आवश्यक संचार स्थापित किया जा सकता है।

उपायुक्त ने शुक्रवार को बगला पहुंचकर हैम रेडियो का संचालन कर इसकी कार्यप्रणाली और संचार क्षमता का प्रत्यक्ष परीक्षण भी किया। उन्होंने प्रशिक्षण में भाग ले रहे प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान अर्जित तकनीकी ज्ञान और कौशल का उपयोग आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से करने का आह्वान किया।

छः जिलों के 35 लाइसेंसधारी प्रतिभागी ले रहे प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के छह जिलों के 35 लाइसेंसधारी प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। दूसरे दिन प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के एंटीना, उनकी कार्यप्रणाली तथा एंटीना की ऊंचाई और दिशा का संचार पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान रेडियो प्रोपेगेशन के तहत अलग-अलग फ्रीक्वेंसी और परिस्थितियों में रेडियो तरंगों के प्रसार को उदाहरणों एवं व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से समझाया गया। प्रतिभागियों को एचएफ बैंड में आयनोस्फियर के माध्यम से लंबी दूरी के संचार तथा वीएचएफ और यूएचएफ बैंड में लाइन-ऑफ-साइट संचार की भूमिका की जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण में एमेच्योर रेडियो भारत (ऑस्कर इंडिया) से नीलकंठ चटर्जी, विल्किस वॉल्टर जैम्स और सयानी डे प्रशिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।

आपदा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है हैम रेडियो

प्रशिक्षक नीलकंठ चटर्जी ने कहा कि आपदा के दौरान पारंपरिक संचार नेटवर्क बाधित होने पर हैम रेडियो महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को एंटीना से लेकर सैटेलाइट आधारित संचार तक विभिन्न तकनीकों की जानकारी देने के साथ आपातकालीन परिस्थितियों में संचार स्थापित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान फील्ड एंटीना की स्थापना, रेंज एवं लाइन-ऑफ-साइट की समझ, औपचारिक रेडियो नेट संचालन, नेट कंट्रोल स्टेशन की भूमिका तथा संचार ट्रैफिक को व्यवस्थित ढंग से संभालने का अभ्यास कराया गया। इसके अलावा आपातकालीन संचार प्रोटोकॉल के तहत संदेश प्रारूप, प्राथमिकता वाले संदेशों और संदेशों को रिले करने की प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी गई।

📍 Location: Mandi (Mandi)

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