बिलासपुर : प्रदेश के हमीरपुर जिला की देवांशी शर्मा ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर इतिहास रच दिया है। नादौन विधानसभा क्षेत्र की नौंघी ग्राम पंचायत के सम्हूं गांव की निवासी देवांशी क्षेत्र की पहली महिला हैं, जिन्होंने इस मुकाम को हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे इलाके में गर्व और खुशी का माहौल है। नीना शर्मा और इंजीनियर राजेश शर्मा की सुपुत्री देवांशी शर्मा ने अपनी स्कूली शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल बरमाणा बिलासपुर से प्राप्त की जहां वे 10वीं और 12वीं बोर्ड में टॉपर रहीं।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.एससी ऑनर्स फिजिक्स तथा पंजाब विश्वविद्यालय से डिफेंस एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज में मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की। इससे पूर्व देवांशी शर्मा बिलासपुर जिला में स्थित हाइड्रो पावर कोल डैम परियोजना में अपने परिवार के साथ रहती थीं और वहीं से उन्होंने डीएवी स्कूल बरमाना से अपनी पढ़ाई की। एनटीपीसी कोल डैम परियोजना के प्रमुख व बरमाना डीएवी स्कूल प्रबंधन सहित सभी स्टाफ ने उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई दी है।
मास्टर्स के दौरान ही उन्होंने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट और एसएसबी इंटरव्यू उत्तीर्ण कर भारतीय वायुसेना के लिए चयन प्राप्त किया। जून 2025 में उन्होंने तेलंगाना के सिकंदराबाद स्थित एयर फोर्स अकादमी में प्रशिक्षण शुरू किया और 13 जून 2026 को संयुक्त ग्रेजुएशन पासिंग आउट परेड में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण कर फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन प्राप्त किया। देवांशी का परिवार रक्षा सेवाओं से जुड़ा रहा है। उनके दादा कर्नल सेवानिवृत्त रोशन लाल शर्मा ने उन्हें सेना में जाने के लिए प्रेरित किया।
उनके पिता इंजीनियर राजेश शर्मा एनटीपीसी महान रत्न कंपनी में रायबरेली में कार्यरत हैं। वहीं उनके नाना डॉ. ओ.पी. शर्मा, जो सेवानिवृत्त जोनल डायरेक्टर……… हैं, हिमाचल गौरव अवार्ड 2026 से सम्मानित हो चुके हैं। देवांशी की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें और उनके परिवार को बधाई दी है। उनकी सफलता निश्चित रूप से प्रदेश की बेटियों को आगे बढ़ने और देश सेवा के लिए प्रेरित करेगी।

