Last Updated: October 27, 2026

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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: रणधीर शर्मा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली रामलाल ठाकुर की याचिका खारिज

August 22, 2026

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: रणधीर शर्मा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली रामलाल ठाकुर की याचिका खारिज

शिमला। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने श्री नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक एवं पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर की चुनाव याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति संदीप शर्मा की अदालत ने 18 अगस्त 2026 को Election Petition No. 1 of 2022 में यह निर्णय सुनाया।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में श्री नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल ठाकुर ने भाजपा प्रत्याशी रणधीर शर्मा के निर्वाचन को चुनौती देते हुए चुनाव याचिका दायर की थी। याचिका में मतगणना, पोस्टल बैलेट तथा कथित भ्रष्ट आचरण से संबंधित विभिन्न आरोप लगाए गए थे। न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार विधानसभा चुनाव 12 नवंबर 2022 को हुआ और मतगणना 8 दिसंबर 2022 को हुई थी।

मामले की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी नंबर-1 रणधीर शर्मा की ओर से चुनाव याचिका की वैधानिक कमियों को लेकर आपत्तियां उठाई गईं। विशेष रूप से Representation of the People Act, 1951 की धारा 83(1), Conduct of Election Rules, 1961 के Rule 94A तथा निर्धारित Form 25 के अनुरूप हलफनामा दाखिल न किए जाने का मुद्दा न्यायालय के समक्ष रखा गया।

उच्च न्यायालय ने 26 सितंबर 2025 के अपने पूर्व आदेश में पाया था कि याचिकाकर्ता द्वारा चुनाव याचिका के समर्थन में दिया गया हलफनामा निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुरूप नहीं था। इसके बाद न्यायालय ने रामलाल ठाकुर को इस कमी को दूर करते हुए 15 अक्टूबर 2025 तक नया हलफनामा दाखिल करने का अवसर दिया था। न्यायालय ने उसी आदेश में स्पष्ट कर दिया था कि निर्धारित समय में आवश्यक अनुपालन नहीं होने की स्थिति में चुनाव याचिका Order VII Rule 11 CPC के तहत खारिज मानी जाएगी।

इसके बाद रामलाल ठाकुर की ओर से अक्टूबर 2025 में नया हलफनामा दाखिल किया गया, लेकिन रणधीर शर्मा की ओर से इस पर भी आपत्ति दर्ज की गई और कहा गया कि नया हलफनामा भी न्यायालय के आदेश तथा वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप नहीं है।

अंतिम सुनवाई में उच्च न्यायालय ने निर्धारित Form 25 और याचिकाकर्ता की ओर से दाखिल हलफनामे का परीक्षण किया। न्यायालय ने स्पष्ट रूप से पाया कि दाखिल किया गया हलफनामा Form 25 के अनुरूप नहीं है और इस कारण Representation of the People Act, 1951 की धारा 83(1) तथा Conduct of Election Rules, 1961 के Rule 94A की अनिवार्य आवश्यकताओं का अनुपालन नहीं करता। न्यायालय ने यह भी नोट किया कि संबंधित कथनों को एक स्थान पर याचिकाकर्ता के ज्ञान के आधार पर सत्य बताया गया, जबकि दूसरे स्थान पर उन्हीं कथनों को सूचना के आधार पर सत्य बताया गया।

न्यायालय ने अपने निर्णय में यह भी दर्ज किया कि 26 सितंबर 2025 के आदेश को किसी भी पक्ष द्वारा चुनौती नहीं दी गई थी और इसलिए वह आदेश अंतिम रूप ले चुका था। न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि याचिकाकर्ता उस आदेश में दिए गए निर्देशों का अनुपालन करने में विफल रहा। इसी आधार पर रामलाल ठाकुर की चुनाव याचिका खारिज कर दी गई और सभी लंबित आवेदनों का भी निपटारा कर दिया गया।

इस फैसले के साथ वर्ष 2022 के श्री नैना देवी जी विधानसभा चुनाव में रणधीर शर्मा के निर्वाचन को लेकर दायर यह चुनाव याचिका उच्च न्यायालय में समाप्त हो गई है। महत्वपूर्ण रूप से, अंतिम आदेश में न्यायालय ने चुनाव याचिका को हलफनामे संबंधी वैधानिक एवं प्रक्रियात्मक अनुपालन न होने के आधार पर खारिज किया है।

भाजपा की ओर से कहा गया कि न्यायालय का निर्णय स्पष्ट करता है कि चुनाव याचिका को आगे बनाए रखने के लिए आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं और न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया। पार्टी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावी विवादों का निर्णय कानून और न्यायालय के माध्यम से ही होता है तथा भाजपा न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं का पूर्ण सम्मान करती है।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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