HFRI Holds Workshop for Eco Task Force : शिमला। हिमालयन फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एचएफआरआई) शिमला में 133 इको टास्क फोर्स (डोगरा), कुफरी के कार्मिकों के लिए तीन दिवसीय व्याख्यान-सह-संगोष्ठी कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें वानिकी, नर्सरी प्रबंधन, पौधरोपण, जैव-उर्वरक, जैव-कीटनाशक और वनाग्नि शमन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी दी।
कार्यशाला का उद्देश्य वानिकी और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्मिकों के तकनीकी ज्ञान तथा व्यावहारिक दक्षताओं को बढ़ाना था। कार्यशाला का आयोजन डॉ. मनीषा थपलियाल, निदेशक, एचएफआरआई के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें विभिन्न प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों एवं शिक्षाविदों ने व्याख्यान दिए, जिनमें डॉ. पवन कुमार, वैज्ञानिक, एचएफआरआई; डॉ. रंजना कुमारी नेगी, वैज्ञानिक, एचएफआरआई; डॉ. (प्रो.) महावीर सिंह, कुलपति, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय; डॉ. हरिंदर सिंह बन्याल, अध्यक्ष, जैव-विज्ञान विभाग, एचपीयू; डॉ. मीना चौधरी, एसोसिएट प्रोफेसर, एचपीयू; तथा डॉ. जगवीर, विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर (सेवानिवृत्त), पंजाब विश्वविद्यालय, पटियाला शामिल रहे। कार्यशाला के दौरान वानिकी कार्यों में जैव-उर्वरकों एवं जैव-कीटनाशकों का प्रयोग, बीज संग्रहण एवं नर्सरी प्रबंधन, पौधरोपण तकनीक तथा वनाग्नि शमन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान एवं तकनीकी जानकारी प्रदान की गई।
सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को वनीकरण, नर्सरी संचालन, वन संरक्षण एवं पारिस्थितिक पुनर्स्थापना से संबंधित वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। कार्यशाला में 133 इको टास्क फोर्स के कार्मिकों को विशेषज्ञों के साथ संवाद एवं ज्ञान के आदान-प्रदान का अवसर मिला। इससे हिमालयी क्षेत्र में वनीकरण, वन संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। 133 इको टास्क फोर्स के एडजुटेंट ने कार्यशाला के सफल आयोजन तथा कार्मिकों को महत्वपूर्ण तकनीकी ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल प्रदान करने के लिए एचएफआरआई के निदेशक एवं संकाय सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।