हिमाचल प्रदेश डेस्कः केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की ओर से जारी दिसंबर के ड्रग अलर्ट में 35 कफ सिरप सहित कुल 174 दवाएं गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में अलर्ट जारी कर दिया है। जांच में सबसे अधिक 51 दवाएं हिमाचल प्रदेश और 29 उत्तराखंड की पाई गई हैं। इनमें से सात दवाएं पूरी तरह नकली निकली हैं।
सीडीएससीओ की रिपोर्ट के अनुसार फेल पाई गई दवाओं में दिल, कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, संक्रमण, दर्द, सूजन, पेट के कीड़े, एनीमिया, मिर्गी, एसिडिटी, एलर्जी और सर्दी-जुकाम जैसी गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं। हर माह देशभर की ड्रग टेस्टिंग लैब में इंजेक्शन, टैबलेट, सिरप, आई ड्रॉप और कैप्सूल समेत हजारों दवाओं की गुणवत्ता की जांच की जाती है, जिनमें से कुछ सैंपल फेल पाए जाते हैं।
प्रमुख दवाएं जिनके सैंपल फेल हुए
- सोलन स्थित फार्मा कैमिको में निर्मित ओडांस्ट्रोन व रानीटिडिन एचसीआई इंजेक्शन (बैच नंबर 110525)
- पटना की वेस्टरलिन ड्रग्स का क्यूआर-कोल्ड सिरप (बैच नंबर WDLB012)
- पंजाब की एस्पेन लाइफसाइंस का कोरन-एलए जूनियर सिरप (बैच नंबर A20497B)
- गुजरात की रेडनेक्स फार्मास्यूटिकल्स का मेंथल सिरप (बैच नंबर R12GL2426)
- यूपी की यूनिक्योर इंडिया की विल्डाग्लिप्टिन व मेटफॉर्मिन टैबलेट (बैच VMHT1315)
- नालागढ़ की थियोन फार्मास्यूटिकल्स की क्लोपिडोग्रेल व एस्पिरिन टैबलेट (बैच GT250519)
राज्यवार फेल दवाओं की संख्या
हिमाचल प्रदेश से 51, उत्तराखंड से 29, तमिलनाडु से 18, गुजरात से 12, हरियाणा से 8, पंजाब से 7, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और राजस्थान से 4-4 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इसके अलावा बिहार, कर्नाटक, सिक्किम, तेलंगाना और पुडुचेरी से 3-3, दिल्ली, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से 2-2 तथा केरल, ओडिशा, सऊदी अरब, आंध्र प्रदेश, असम और जम्मू-कश्मीर से एक-एक दवा फेल पाई गई है।
ये सात दवाएं पाई गईं नकली
सीडीएससीओ ने सात दवाओं को नकली घोषित किया है। हालांकि रैपर पर कंपनियों के नाम दर्ज थे, लेकिन संबंधित कंपनियों ने इन बैचों से इनकार किया है। मामले की जांच जारी है। नकली पाई गई दवाओं में काइमोरल फोर्टे, टेलमा-40, टेलमा-एएम, मोंटिना-एल टैबलेट और पैनटाप-डी एसआर शामिल हैं।
हिमाचल प्रदेश के राज्य औषधि नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि राज्य से फेल पाए गए सैंपलों को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित फार्मा कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे और सभी दवाओं को बाजार से वापस मंगवाया जाएगा।

