Himachal Announces 5% DA Hike for Government Employees : शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 10 हजार रुपये अतिरिक्त देने का ऐलान किया गया है। वहीं, पेंशनरों की महंगाई राहत बढ़ाने के आदेश भी जारी किए गए हैं। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ने प्रदेश पर बढ़ते कर्ज और राजस्व घाटा अनुदान को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सीटों को लेकर भी बड़ा दावा किया।
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 10 हजार रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। कर्मचारियों के खाते में पहली नवंबर को राशि पहुंच जाएगी। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को महंगाई राहत (DR) देने के आदेश जारी किए हैं। वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, पेंशनरों को 1 जनवरी 2024 से महंगाई राहत की दर 46 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है। वहीं, 1 जुलाई 2023 से महंगाई राहत 45 प्रतिशत से बढ़ाकर 46 प्रतिशत की गई है।
निर्देश के मुताबिक, बढ़ी हुई महंगाई राहत अक्टूबर 2026 की पेंशन के साथ देय होगी, जिसका भुगतान नवंबर 2026 में किया जाएगा। यह लाभ हिमाचल प्रदेश सरकार के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों के साथ अखिल भारतीय सेवा (AIS) के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को भी मिलेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई 2023 से 30 सितंबर 2026 तक की अवधि के महंगाई राहत के एरियर के भुगतान पर अलग से उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल नवंबर में मिलने वाली पेंशन के साथ बढ़ी हुई महंगाई राहत का भुगतान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति और कर्ज को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से राजस्व घाटा अनुदान (RDG) मिलता रहता, तो वर्ष 2027 तक हिमाचल आत्मनिर्भर हो जाता। जयराम ठाकुर के पांच साल में 43,261 करोड़ का कर्ज: सुक्खू मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल और वर्तमान सरकार के दौरान लिए गए कर्ज के आंकड़े भी सामने रखे। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर के पांच साल के कार्यकाल में 43,261 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया, जबकि वर्तमान सरकार अब तक 37,781 करोड़ रुपये का कर्ज उठा चुकी है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, हिमाचल प्रदेश पर कुल कर्ज का आंकड़ा 99 हज़ार 564 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने RDG को प्रदेश की आर्थिक स्थिति से जोड़ते हुए कहा कि केंद्रीय सहायता जारी रहती तो राज्य को वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता था। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के 16 विधायक भी जीत कर नहीं आयेंगे।

