Last Updated: October 27, 2026

Dainik Savera Times Logo

हिमाचल में एनालॉग पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर जब्ती और दंड की कार्रवाई

August 21, 2026

हिमाचल में एनालॉग पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर जब्ती और दंड की कार्रवाई

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन निदेशालय ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत राज्यभर में एनालॉग अथवा नॉन-डेयरी पनीर के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। यह अधिसूचना खाद्य सुरक्षा आयुक्त एवं सचिव (स्वास्थ्य) आशीष सिंहमार द्वारा जारी की गई है।

अधिसूचना के अनुसार राज्य में पनीर और पनीर जैसे उत्पादों के नमूनों की जांच के दौरान कई मामलों में मानकों के अनुरूप न पाए जाने, गलत लेबलिंग, बिल व ट्रेसेबिलिटी रिकॉर्ड की कमी तथा उपभोक्ताओं को भ्रमित करने की शिकायतें सामने आईं। जांच में ऐसे उत्पाद भी पाए गए जिनमें दूध से प्राप्त वसा या ठोस तत्वों के स्थान पर वनस्पति तेल, वनस्पति वसा अथवा अन्य गैर-दुग्ध घटकों का उपयोग किया गया था।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी खाद्य व्यवसाय संचालक (FBO) हिमाचल प्रदेश में ऐसे उत्पाद को “पनीर” के नाम से न तो बेच सकेगा और न ही उसका प्रचार-प्रसार कर सकेगा। यदि किसी उत्पाद में दूध के घटकों को आंशिक या पूर्ण रूप से गैर-दुग्ध पदार्थों से प्रतिस्थापित किया गया है, तो उसे पनीर के रूप में प्रस्तुत करना प्रतिबंधित होगा।

होटल, रेस्तरां, ढाबे, कैटरिंग संस्थान और अन्य फूड सर्विस प्रतिष्ठानों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल मानक अनुरूप पनीर का ही उपयोग करें। मेन्यू, डिस्प्ले बोर्ड और विज्ञापनों में “पनीर” शब्द का प्रयोग तभी किया जा सकेगा जब उपयोग किया गया उत्पाद वास्तविक डेयरी पनीर हो।

अधिसूचना के तहत पैक्ड पनीर बेचने वाले व्यवसायों को उचित लेबलिंग, खरीद बिल, चालान, बैच विवरण और ट्रेसेबिलिटी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने होंगे। खाद्य सुरक्षा अधिकारी निरीक्षण के दौरान इन दस्तावेजों की जांच कर सकेंगे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जब्ती, रिकॉल, नष्ट करने की कार्रवाई तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत दंडात्मक प्रावधान लागू किए जाएंगे।

गौरतलब है कि देश के कई अन्य राज्यों में भी हाल के महीनों में एनालॉग पनीर को लेकर कार्रवाई की गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इसके निर्माण, बिक्री और पोषण संबंधी पहलुओं पर एफएसएसएआई से स्पष्टीकरण मांगा है।

यह आदेश राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी होगा और एक वर्ष तक लागू रहेगा, जब तक कि इसे संशोधित, वापस या निरस्त न किया जाए।

📍 Location: शिमला (शिमला)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें