हिमाचल डेस्कः प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार अपना चौथा बजट पेश कर रहे थे। राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹54,928 करोड़ का बजट पेश किया। सीएम सुक्खू ने अपने भाषण की शुरुआत यह कहकर की कि राजस्व घाटा अनुदान (RDG) को बंद किए जाने से वार्षिक बजट पर असर पड़ा है और उन्होंने BJP पर राज्य के हितों का समर्थन न करने का आरोप लगाया। सुक्खू ने कहा कि विपक्षी BJP ने इन मुश्किल समय में राज्य का साथ नहीं दिया है और इतिहास उन्हें कभी नहीं भूलेगा, जिस पर BJP सदस्यों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी।
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सीएम ने ये घोषणाएं भी कीं
- 100 नई ट्राउट इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
- हिमाचल को हरित राज्य बनाने की दिशा में 2030 तक हरित क्षेत्र को 29.5 से बढ़ाकर 32 प्रतिशत किया जाएगा।
- वर्ष 2026-27 में चार हजार हेक्टेयर में पाैधरोपण किया जाएगा।
- हमीरपुर में 25 करोड़ की लागत से बनेगा इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क
- 50 ईको टूरिज्म साइट विकसित होंगी। 50 विश्राम गृहों की बुकिंग को ऑनलाइन किया जाएगा।
- कृषि सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री खेत बाड़बंदी योजना के लिए 10 करोड़ का प्रावधान
पर्यटन क्षेत्र के लिए सीएम सुक्खू ने कीं ये घोषणाएं
- पीपीपी आधार पर पर्यटन पंजीकरण सिस्टम लागू होगा।
- काैशल प्रशिक्षण के लिए संस्थान बनेगा।
- 345 लाख से विकासात्मक कार्य होंगे।
- माउंटेन बाइकिंग रूट चयनित होंगे।
- कांगड़ा एयरपोर्ट के पास बसाई जाएगी एरोसिटी।
- अगले महीने से दिल्ली- शिमला-शिमला-धर्मशाला फ्लाइट शुरू होगी।
- सभी जिला मुख्यालय हेलीपोर्ट से जुड़ेंगे।
BJP नेताओं ने नारे लगाए
BJP ने इस भाषा पर आपत्ति जताई और सदन के वेल में आकर नारे लगाए। जैसे ही नारेबाजी जारी रही, स्पीकर ने सदन को सुबह 11.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया, जिसके बाद BJP सदस्य सदन से बाहर चले गए, हालांकि कांग्रेस विधायक अपनी सीटों पर बैठे रहे। कुछ मिनट बाद, BJP सदस्य वापस लौटे और नारे लगाना जारी रखा, जबकि मुख्यमंत्री ने अपना बजट भाषण जारी रखा।
उन्होंने कहा कि दुनिया भर में चल रहे संघर्षों का असर राज्य पर भी पड़ने लगा है, और अमेरिका-इजरायल तथा ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण LPG की कीमतें बढ़ रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि हिमाचल प्रदेश की तुलना उत्तराखंड और असम से करना गलत है, क्योंकि हिमाचल एक पहाड़ी राज्य है जहाँ पानी और जंगल जैसे संसाधन सीमित हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल उत्तरी भारत का फेफड़ा है और इसे ‘ग्रीन बोनस’ मिलना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय राज्य को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि RDG को बंद किए जाने से सालाना ₹8,105 करोड़ का नुकसान होगा।
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