शिमला: हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। ऊंचाई वाले इलाकों में बढ़ती ठंड के चलते अब सड़कों पर पानी जमने लगा है, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। मनाली-लेह, दारचा-शिंकुला और कोकसर-लोसर मार्ग पर बर्फीली फिसलन के कारण वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई है।
राज्य के 16 स्थानों पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है, जबकि तीन स्थानों पर पारा माइनस में चला गया है। हालांकि राजधानी शिमला और इसके आसपास के क्षेत्रों में शनिवार सुबह खिली धूप ने राहत जरूर दी है, लेकिन हवा में ठंडक अभी भी बरकरार है।
15 नवंबर तक रहेगा शुष्क मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, प्रदेश में आगामी 15 नवंबर तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। बारिश या बर्फबारी के कोई खास आसार नहीं हैं, लेकिन तापमान में गिरावट जारी रहेगी।
कुल्लू और जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में सुबह और शाम के समय ठिठुरन महसूस की जा रही है। ठंड बढ़ने के चलते प्रशासन ने ऊंचाई वाले दर्रों पर वाहन संचालन के लिए नई समयसारिणी जारी की है।
कोकसर से काजा के लिए सुबह 9 बजे वाहनों को छोड़ा जाएगा। वहीं दारचा से लेह के लिए वाहनों की आवाजाही सुबह 10 बजे होगी।
हिमाचल के प्रमुख स्थानों का न्यूनतम तापमान
स्थान न्यूनतम तापमान (°C)
शिमला 9.0
सुंदरनगर 8.5
भुंतर 6.1
कल्पा 1.5
धर्मशाला 9.8
केलांग -2.0
मनाली 4.1
कुकुमसेरी -2.9
ताबो -2.0
ऊना 11.4
नाहन 11.6
सोलन 7.5
मंडी 9.1
पालमपुर 7.0
नारकंडा 6.0
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सर्दी का आगाज़, पर्यटकों में उत्साह
मनाली, नारकंडा और कल्पा जैसे पर्यटन स्थलों में सर्दी की शुरुआत ने पर्यटकों को उत्साहित कर दिया है। स्थानीय होटल व्यवसायियों का कहना है कि नवंबर के मध्य तक पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सकती है, क्योंकि शुरुआती बर्फबारी देखने के लिए पर्यटक हर साल इस समय हिमाचल का रुख करते हैं।
प्रशासन की अपील
लाहौल-स्पीति प्रशासन ने ऊंचाई वाले इलाकों में सफर करने वालों से सावधानी बरतने की अपील की है। वाहनों में एंटी-स्किड चेन का प्रयोग करने और यात्रा से पहले मौसम की ताज़ा जानकारी लेने की सलाह दी गई है।