‘Him Aushadham’ to Launch on Ayush Day : शिमला। आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए 23 सितंबर को देशभर में आयुष दिवस मनाया जाएगा। हिमाचल प्रदेश में इसका राज्य स्तरीय कार्यक्रम शिमला में आयोजित होगा, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू करेंगे। आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा के अनुसार, प्रदेश में आयुर्वेद AIIMS खोलने की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और मंत्रिमंडल से भी मंजूरी मिल गई है। इस अवसर पर विभाग ‘हिम औषधम’ की शुरुआत भी करेगा, जिसके तहत आयुर्वेदिक औषधियां बाजार में उपलब्ध कराई जाएंगी।
आयुष मंत्री ने बताया कि प्रदेश में आयुर्वेद AIIMS खोलने को लेकर औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और मंत्रिमंडल से भी मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में जल्द हिमाचल को आयुर्वेद AIIMS मिलने की उम्मीद है। आयुष दिवस के मौके पर विभाग की ओर से ‘हिम औषधम’ की भी शुरुआत की जाएगी। आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने बताया कि आयुष दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य आयुर्वेद से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और सेवाओं को लेकर लोगों को जागरूक करना है। राज्यभर में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आयुष विभाग की ओर से शुरू किए जा रहे ‘हिम औषधम’ के तहत आयुर्वेदिक औषधियां बाजार में उपलब्ध करवाई जाएंगी। विभाग को उम्मीद है कि इससे लोगों को आयुर्वेदिक दवाइयां आसानी से उपलब्ध होंगी और विभाग के लिए आय का स्रोत भी तैयार होगा। गोमा ने कहा कि आयुष विभाग प्रदेश में डिस्पेंसरी, वेलनेस और पंचकर्मा सेंटर को विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके अलावा केंद्र सरकार के स्तर पर आयुर्वेद AIIMS स्थापित करने का कार्यक्रम है। हिमाचल में आयुर्वेद AIIMS खोलने को लेकर औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं और मंत्रिमंडल से मंजूरी भी मिल गई है।
उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा और इससे जुड़े संस्थानों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वहीं, अपने विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की रैली को लेकर आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा खुद गुटों में बंटी हुई है। रैली में नेता प्रतिपक्ष समेत आसपास के बड़े नेता पहुंचे, लेकिन उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को अपनी पूर्व सरकार की विफलताओं पर भी बात करनी चाहिए। गोमा के मुताबिक उनके विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के कई प्रत्याशी खड़े हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि रैली में करीब 1000 से 1500 लोग ही पहुंचे, जबकि भाजपा ने 3000 लोगों का लक्ष्य रखा था।

