हिमाचल डेस्कः शिमला पुलिस ने मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान के बेटे पर हमले की साजिश रचने के मामले में मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस प्रकरण में दो अन्य आरोपियों को भी पकड़ा जा चुका था।
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आरोपियों की पहचान
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी मनीश वर्मा उर्फ मनु, निवासी गांव जघेड़ी (तहसील ठियोग, जिला शिमला), वर्तमान में चकदेहल भट्टाकुफर, शिमला में रह रहा था। आरोपी प्रॉपर्टी डीलिंग और ठेकेदारी का काम करता है। जांच के अनुसार, मनु ही इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड है। उसने पीड़ित आर्यन चौहान की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी और उसकी दिनचर्या, आने-जाने के समय और स्थानों की जानकारी जुटाकर अपहरण की साजिश रची। उसने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी।
आरोपी के पास से हथियार बरामद
पुलिस की छापेमारी के दौरान आरोपी के पास से एक अवैध हथियार और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी है और उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। शिमला पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विश्लेषण और लगातार प्रयासों के चलते पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, और अब मुख्य साजिशकर्ता को भी पकड़ लिया गया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।
क्या है पूरा मामला?
बता दें यह घटना 20 मार्च की है। आर्यन चौहान निवासी नवबहार, शिमला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि तारापुर सड़क पर 3 संदिग्धों ने गाड़ी से उतरकर उसे रोकने की कोशिश की। आरोपियों के पास पिस्टल और लोहे की रॉड थी और वे फिरौती व लूट के इरादे से आए थे। हालांकि, पीड़ित ने मौके से छलांग लगाकर खुद को बचा लिया, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में पुलिस ने संदिग्ध गाड़ी को मशोबरा के पास से बरामद कर लिया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 311, 109, 126(2), 351, 115(2), 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं 25 और 27 के तहत थाना ढली में मामला दर्ज किया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और भौतिक व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों तक पहुंच बनाई।
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