शिमला। हिमाचल प्रदेश में करवा चौथ के अवसर पर महिलाओं के साथ पुरुषों को भी छुट्टी देने की घोषणा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के इस फैसले को त्योहार के मौके पर परिवारों को एक साथ समय बिताने का अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। इससे पहले रक्षाबंधन के अवसर पर भी पुरुषों को छुट्टी देने की बात सामने आई थी।
करवा चौथ का पर्व प्रदेशभर में पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को पूजा-अर्चना करती हैं और चंद्रमा के दर्शन कर व्रत खोलती हैं। ऐसे में परिवार के अन्य सदस्यों की भागीदारी भी इस पर्व को खास बनाती है।

प्रस्तावित घोषणा के अनुसार, 29 अक्तूबर को करवा चौथ के अवसर पर महिलाओं के साथ पुरुषों को भी अवकाश का लाभ देने की बात कही गई है। इससे पति-पत्नी को एक साथ त्योहार मनाने, पूजा की तैयारियां करने और पारिवारिक जिम्मेदारियों को साझा करने का अवसर मिल सकेगा। खासकर उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां दोनों पति-पत्नी नौकरी करते हैं।
इस फैसले को त्योहारों के दौरान परिवार और सामाजिक परंपराओं को महत्व देने से जोड़कर देखा जा रहा है। रक्षाबंधन के अवसर पर पुरुषों को छुट्टी देने के बाद करवा चौथ पर भी ऐसा कदम उठाए जाने की चर्चा से कर्मचारियों के बीच उत्सुकता बढ़ी है।
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