शिमला: पुलिस विभाग में हालिया तबादलों के बाद अब हिमाचल प्रदेश सरकार प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करने की तैयारी में है। राज्य सरकार जल्द ही उन आईएएस और एचएएस अधिकारियों को नई तैनाती देने जा रही है, जो लंबे समय से एक ही जिले या विभाग में कार्यरत हैं। इसमें उपायुक्त (डीसी) और अतिरिक्त उपायुक्त (एडीएम) स्तर के अधिकारी शामिल होंगे।
सूत्रों के अनुसार, कार्मिक विभाग ने मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों पर अधिकारियों की सूची तैयार करना शुरू कर दिया है। सरकार का विशेष ध्यान उन जिलों पर है, जहां उपायुक्त दो साल या उससे अधिक समय से कार्यरत हैं। उद्देश्य यह है कि प्रशासनिक ढांचे में नई ऊर्जा और दृष्टिकोण लाकर विकास योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
विकास योजनाओं को गति देने की कोशिश
राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में कई महत्वाकांक्षी विकास योजनाएँ शुरू की हैं। अब सरकार चाहती है कि इन योजनाओं का ज़मीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन हो। इसके लिए ऐसे अधिकारियों को जिलों में भेजने की योजना है, जो फील्ड में सक्रिय रहकर ठोस परिणाम दे सकें।
अधिकारियों के तबादले केवल कार्यकाल की अवधि पर आधारित नहीं होंगे, बल्कि प्रशासनिक प्रदर्शन और जनता की प्रतिक्रिया को भी आधार बनाया जाएगा। ऐसे जिलों में भी बदलाव की संभावना है जहाँ प्रशासनिक कामकाज को लेकर शिकायतें या धीमी प्रगति की रिपोर्टें मिली हैं।
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सचिवालय स्तर पर भी बदलाव की तैयारी
कार्मिक विभाग सचिवालय स्तर पर भी समीक्षा कर रहा है। कई प्रशासनिक सचिव वर्षों से एक ही विभाग में कार्यरत हैं। इसे देखते हुए वित्त, शिक्षा, लोक निर्माण, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे प्रमुख विभागों में भी फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।
आगामी दो वर्षों के लिए नई कार्ययोजना
सरकार की कोशिश है कि आने वाले दो वर्षों में राज्य की विकास योजनाओं का ठोस असर दिखाई दे। इसके लिए नौकरशाही में ताजगी लाने और अधिकारियों के बीच जवाबदेही बढ़ाने की नीति पर काम किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रशासनिक फेरबदल का ऐलान जल्द ही किया जा सकता है।

