
हिमाचल डेस्कः डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार को अदालत के आदेशों की अनुपालना न करने पर हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किए हैं।
न्यायमूर्ति जिया लाल भारद्वाज ने प्रार्थी नेक राम द्वारा दायर अनुपालना याचिका की सुनवाई के दौरान पाया कि विश्वविद्यालय अधिकारियों को पिछली सुनवाई में अनुपालना संबंधी दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि आदेशों का पालन न होने पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा।
अदालत ने पाया कि न तो उसके आदेशों की अनुपालना की गई और न ही वाइस चांसलर व रजिस्ट्रार अदालत में पेश हुए। इसके बाद कोर्ट ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें 22 मई को अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए।
याचिकाकर्ता की मांग
मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता नेक राम ने वर्ष 2025 में याचिका दायर कर अपने वर्कचार्ज कार्यकाल को पेंशन लाभ के लिए गिने जाने की मांग की थी। 13 नवंबर को हाई कोर्ट ने विश्वविद्यालय को निर्देश दिए थे कि वह राज्य सरकार बनाम मातवर सिंह मामला में दिए गए फैसले के आधार पर याचिकाकर्ता के मामले पर चार सप्ताह के भीतर विचार करे।
हालांकि, आदेशों पर अमल न होने के कारण याचिकाकर्ता को अनुपालना याचिका दायर करनी पड़ी। अदालत ने विश्वविद्यालय को आदेश लागू करने के लिए पांच अवसर दिए, लेकिन इसके बावजूद अनुपालना नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए जमानती वारंट जारी कर दिए।
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