
हिमाचल डेस्कः बजट में राजस्व विभाग के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। पटवारियों के 645 पद चरणबद्ध तरीके से भरे जाएंगे। साथ ही, ऑनलाइन सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। लैंड रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार तथा किसानों के लिए एकीकृत डेटाबेस का निर्माण सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
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आगामी वित्तीय वर्ष में ग्रामीण लैंड रिकॉर्ड के आधुनिकीकरण एवं डिजिटलीकरण पर 2 करोड़ 12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने पर रजिस्ट्री शुल्क में छूट दी गई है। 80 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की खरीद पर स्टांप शुल्क की दर महिला खरीदारों के लिए 4 प्रतिशत रहेगी।
आगामी वित्तीय वर्ष से म्यूटेशन आवेदन एवं सत्यापन पूरी तरह ऑनलाइन होंगे। इस वर्ष शहरी क्षेत्रों में नक्शा परियोजना को पायलट आधार पर शुरू किया जा रहा है। सोलन, मंडी, पालमपुर और नादौन में भूमि स्वामियों व किरायेदारों के भू-मानचित्रों का निपटारा ड्रोन कैमरा तकनीक से किया जाएगा। सरकार लाइव जमाबंदी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
नागरिक सेवाओं को सुलभ व पारदर्शी बनाने के लिए सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर आधुनिक, तकनीक-सक्षम केंद्रों में बदला जाएगा। साथ ही, प्रदेश के नदी तटों एवं बाढ़ संभावित क्षेत्रों में जोखिम वाली जगहों की वैज्ञानिक पहचान के लिए फ्लड जोन मैपिंग तैयार की जाएगी।
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