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ब्रिक्स भारत के राष्ट्रीय हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण मंच, भूमिका और मजबूत करनी चाहिए : विक्रमादित्य सिंह

शिमला: हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शनिवार को कहा कि नई दिल्ली में हो रहा ब्रिक्स सम्मेलन भारत के लिए गर्व की बात है और देश को इस मंच पर अपनी भूमिका तथा नेतृत्व को और मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स केवल विचारधारा से जुड़ा मंच नहीं, बल्कि भारत के राष्ट्रीय हितों से संबंधित एक महत्वपूर्ण संगठन है। भारत को ब्राजील, चीन, रूस और दक्षिण अफ्रीका सहित सभी सदस्य देशों के साथ अपने संबंध और मजबूत करने चाहिए।

सिंह ने कहा कि ब्रिक्स के जरिए युवाओं के लिए रोजगार, निवेश और रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के अवसर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी भारत को अपनी क्षमता बढ़ाने की जरूरत है क्योंकि चीन इन क्षेत्रों में भारत से काफी आगे निकल चुका है।

रूस के साथ संबंधों का जिक्र करते हुए मंत्री ने उसे भारत का पुराना और भरोसेमंद मित्र बताया तथा 1971 के युद्ध का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए रूस समेत सभी देशों के साथ संतुलित और मजबूत संबंध बनाए रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक व्यवस्था के विकल्प के तौर पर वैकल्पिक मुद्रा और मजबूत बैंकिंग चैनलों पर भी विचार किया जाना चाहिए।

हिमालयी क्षेत्र में आपदाओं पर चिंता

विक्रमादित्य सिंह ने हिमालयी क्षेत्र में बदलते पर्यावरण और बढ़ती निर्माण गतिविधियों को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ चीन और नेपाल से जुड़े हिमालयी क्षेत्रों में जलविद्युत परियोजनाओं तथा अन्य निर्माण गतिविधियां हो रही हैं। उन्होंने हाल में हिमाचल, उत्तराखंड और नेपाल में आई प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हिमालयी क्षेत्र को लेकर व्यापक संवाद की आवश्यकता है। यह केवल किसी एक देश या राज्य का मुद्दा नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन बड़ी चुनौती है और आपदा की स्थिति में पड़ोसी देशों के साथ बेहतर समन्वय तथा लगातार संवाद जरूरी है।

मानसून से पीडब्ल्यूडी को 1,500-1,600 करोड़ रुपये का नुकसान

मंत्री ने कहा कि इस मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश में लोक निर्माण विभाग को सड़कों और पुलों समेत सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान से करीब 1,500 से 1,600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 और 2024 की तुलना में इस बार नुकसान कम है। उन वर्षों में नुकसान का आंकड़ा करीब 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। उन्होंने कहा कि सरकार क्षतिग्रस्त सड़कों और बुनियादी ढांचे को बहाल करने के लिए लगातार काम कर रही है। करीब 800 किलोमीटर सड़कों के सुधार के लिए बजट का प्रावधान किया गया है और बारिश का दौर खत्म होने के बाद अक्टूबर से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मेटलिंग और सड़क सुधार कार्य शुरू किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि करीब 350 किलोमीटर सड़कों पर अलग-अलग जोन में काम किया जाएगा। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण मार्च-अप्रैल में प्रभावित हुए कुछ सड़क कार्यों को अक्टूबर-नवंबर में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

कार्ट रोड चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण होगा

शिमला के कार्ट रोड के चौड़ीकरण के संबंध में सिंह ने कहा कि इसकी प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी और उन्होंने स्वयं अलग-अलग स्थानों का निरीक्षण किया है। अब प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण निर्धारित नीति के तहत किया जाएगा और जमीन मालिकों को सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि कार्ट रोड के चौड़ीकरण से शिमला की यातायात व्यवस्था को काफी राहत मिलेगी। शहर में यातायात दबाव कम करने के लिए दो सुरंगें भी प्रस्तावित हैं और पहली परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है।

उन्होंने कहा कि इन सुरंगों के जरिए शहर के विभिन्न हिस्सों को बेहतर ढंग से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे लोगों को हर बार मुख्य शहर से होकर गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में ये सुरंगें शिमला की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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