हिमाचल डेस्कः प्रदेश सरकार द्वारा सीमाओं पर लगाए गए प्रवेश शुल्क (टोल) के विरोध के चलते चल रहा गतिरोध अब उग्र हो गया है। लंबे समय से जारी संघर्ष का कोई ठोस नतीजा न निकलने पर शिरोमणि जरनैल साहिबजादा बाबा जुझार सिंह निहंग सिंह खालसा दल ने कानून अपने हाथ में लेते हुए बड़ा कदम उठाया है। दल ने बुधवार को गरामोड़ा में अपने पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के तहत समानांतर “खालसा एंट्री टैक्स नाका” स्थापित कर दिया।
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यह नाका अवैध घोषित किया जा सकता है, फिर भी वहां हिमाचल प्रदेश नंबर वाली गाड़ियों को रोककर उनसे टोल टैक्स वसूलना शुरू कर दिया गया। बताया गया है कि चालकों से 100 से 500 रुपये तक वसूले जाने का प्रावधान था, लेकिन मौके पर पैसे वाहन चालकों की सहमति अनुसार भी लिए जा रहे थे। कई लोगों ने इस टैक्स का विरोध किया, पर किसी प्रकार का विवाद नहीं बढ़ा कर उन्हें छोड़ दिया गया।
निहंग सिंह संगठनों ने पहले ही घोषणा की थी कि वे बुधवार से पंजाब में हिमाचल से आने वाले वाहनों से “खालसा टैक्स” वसूलेंगे। तरना दल के प्रतिनिधि बाबा अच्छर सिंह ने तीन जून को गरामोड़ा टोल प्लाजा के निकट हिमाचल प्रदेश से पंजाब में प्रवेश करने वाले वाहनों से यह टैक्स वसूलना आरंभ कर दिया।
दल ने कहा है कि टैक्स से एकत्रित राशि का उपयोग “सरबत का भला” और अन्य सामाजिक कार्यों में किया जाएगा। उन्होंने यह कदम हिमाचल सरकार को चेतावनी स्वरूप बताया और कहा कि जब तक प्रदेश सरकार प्रवेश शुल्क वापस नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। पंजाब सरकार को भी चेतावनी दी गई है कि यदि इस मुद्दे पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। नाके और टैक्स वसूली के कारण सीमा क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है।
शिरोमणि जरनैल साहिबजादा बाबा जुझार सिंह निहंग सिंह खालसा दल के प्रमुख बाबा अछर सिंह ने कहा कि हमने हिमाचल सरकार को पंजाब की गाड़ियों पर लगाए गए नाजायज़ टैक्स हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया, पर सुनवाई नहीं हुई। मजबूरन आज हम अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत यहाँ खालसा एंट्री टैक्स नाका लगा रहे हैं। जब तक हिमाचल सरकार पंजाब के वाहनों से वसूली बंद नहीं करती, हम हिमाचल के वाहनों से भी इसी तरह टैक्स वसूला करेंगे।
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