हिमाचल प्रदेश डेस्क: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला होम-स्टे पोर्टल http://homestay.hp.gov.in का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से अब होम-स्टे का पंजीकरण घर बैठे किया जा सकेगा। पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल एवं उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया गया है।
ऑब्जेक्शन के नाम पर होटल कारोबारियों को परेशान न करें
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार होम-स्टे संचालकों और होटल मालिकों को अधिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि उनके व्यवसाय पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऑब्जेक्शन के नाम पर होटल कारोबारियों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
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फायर एनओसी के कारण न रोका जाए पंजीकरण
हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि फायर अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के कारण होम-स्टे पंजीकरण के नवीनीकरण को रोका न जाए। उन्होंने पर्यटन विभाग को ऐसे मामलों में प्रोविजनल पंजीकरण देने के निर्देश दिए, ताकि व्यवसाय सुचारू रूप से चलता रहे।
आज होम-स्टे पंजीकरण के लिए नई वेबसाइट https://t.co/OfSffPwGOK का शुभारंभ किया गया। अब होम-स्टे का पंजीकरण घर बैठे, आसान और उपयोगकर्ता-अनुकूल प्रक्रिया के माध्यम से किया जा सकेगा।
पर्यटन से जुड़े लोगों को अनावश्यक आपत्तियों के नाम पर परेशान नहीं किया जाएगा।
होम-स्टे योजना का… pic.twitter.com/lxOtcZFpJK— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) February 2, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए ‘पर्यटन से स्वरोजगार’ के उद्देश्य से होम-स्टे योजना शुरू की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना और पर्यटकों को अनछुए पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित करना है। उन्होंने बताया कि पर्यटन प्रदेश के राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाकर शहरी क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया है, ताकि स्थानीय लोगों को अधिक स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। योजना के तहत अधिकतम छह कमरों तक के होम-स्टे का पंजीकरण किया जा सकता है।
घर बैठे होगी कमाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि होम-स्टे संचालन से जहां पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं मकान मालिकों को घर बैठे अच्छी आय प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय व्यंजन परोसने से होम-स्टे संचालकों की आय और बढ़ेगी, क्योंकि पर्यटक स्थानीय स्वाद और घर जैसा अनुभव पसंद करते हैं। गांवों में बने पारंपरिक शैली के मकान विशेष रूप से विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
होम-स्टे योजना के तहत ब्याज अनुदान
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान सरकार ने होम-स्टे योजना के तहत ब्याज अनुदान योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत शहरी, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में क्रमशः 3 प्रतिशत, 4 प्रतिशत और 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जा रहा है। यह अनुदान टर्म लोन पर पर्यटन इकाई स्थापित करने, विस्तार करने या अपग्रेड करने के लिए दिया जाएगा।
बैठक में उपस्थित रहे
बैठक में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष आर.एस. बाली वर्चुअल माध्यम से जुड़े, जबकि मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, प्रधान सचिव देवेश कुमार और निदेशक पर्यटन विभाग विवेक भाटिया शिमला में उपस्थित रहे।
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