हिमाचल डेस्क : प्रदेश के जिला मंडी में सोमवार दोपहर करीब 12:57 बजे 3.6 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र मंडी में जमीन से मात्र 5 किलोमीटर नीचे था। लोगों ने झटके महसूस कर तुरंत घरों से बाहर निकल आए।
असम में भी सुबह आई धरती हिली
आज सुबह असम में भी 5 से अधिक तीव्रता का भूकंप आया था। इसके बाद हिमाचल में आए झटकों से लोगों में दहशत फैल गई है।
जोन-6 में आए कई जिले, खतरा बढ़ा
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नए भूकंपीय मानचित्र के अनुसार, पूरे हिमालयी क्षेत्र को अब सबसे खतरनाक जोन-6 (रेड जोन) में रखा गया है। हिमाचल के शिमला, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहुल-स्पीति जिले उच्चतम जोखिम वाली श्रेणी में आ चुके हैं। प्रदेश का अधिकांश क्षेत्र पहले से ही जोन-5 में था, जो भूकंप के लिहाज से अति संवेदनशील है।
1905 की कांगड़ा त्रासदी की यादें ताजा
प्रदेश का इतिहास भूकंपों से भरा पड़ा है। 5 अप्रैल 1905 को कांगड़ा में 7.0 से अधिक तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे। विशेषज्ञों ने अब सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

