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हिमाचल प्रदेश को 239.45 करोड़ रुपए की CRIF स्वीकृति, बागवानी क्षेत्रों को मिलेगी बड़ी राहत

शिमला: हिमाचल प्रदेश को केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (CRIF) 2026–27 के अंतर्गत 239.45 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा प्रदान की गई है। इस स्वीकृति के अंतर्गत प्रदेश की दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का उन्नयन किया जाएगा।

इस अवसर पर लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह स्वीकृति हिमाचल प्रदेश सरकार तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए निरंतर और समन्वित प्रयासों का परिणाम है। राज्य सरकार एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा इन परियोजनाओं को लगातार भारत सरकार तथा माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी जी के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाता रहा, जिसके फलस्वरूप आज प्रदेश को यह महत्वपूर्ण स्वीकृति प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा हिमाचल प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग लगातार इन परियोजनाओं को भारत सरकार एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के समक्ष उठाते रहे। हमारे निरंतर प्रयासों का ही सकारात्मक परिणाम है कि आज प्रदेश को ₹239.45 करोड़ की यह महत्वपूर्ण स्वीकृति प्राप्त हुई है।”

स्वीकृत परियोजनाओं में छैला–नेरिपुल–यशवंत नगर–कुमारहट्टी सड़क के उन्नयन हेतु 203.52 करोड़ रुपए और टिक्कर–जरोल–खमाड़ी सड़क के पूर्व पैकेज से शेष रह गए 16 किलोमीटर भाग के उन्नयन हेतु 35.93 करोड़ रुपए शामिल हैं।

सिंह ने कहा कि टिक्कर–जरोल–खमाड़ी सड़क का शेष 16 किलोमीटर भाग, जो पहले पैकेज में स्वीकृत नहीं हो पाया था, अब स्वीकृत हो जाने से यह पूरा सड़क मार्ग विकसित हो सकेगा। इससे विशेष रूप से रामपुर विधानसभा क्षेत्र के किसानों और बागवानों को बड़ी राहत मिलेगी तथा उनकी बागवानी उपज के परिवहन को बेहतर सुविधा प्राप्त होगी।

उन्होंने कहा कि छैला–नेरिपुल–यशवंत नगर–कुमारहट्टी सड़क प्रदेश के प्रमुख सेब उत्पादक क्षेत्रों ठियोग, कोटखाई, जुब्बल, रोहड़ू और चौपाल की जीवनरेखा है। इस परियोजना के पूर्ण होने से सेब एवं अन्य बागवानी उत्पादों के परिवहन में तेजी आएगी, परिवहन लागत कम होगी, किसानों एवं बागवानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होंगे तथा क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। ये केवल सड़क परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि हमारे किसानों और बागवानों के भविष्य में किया गया निवेश हैं। बेहतर सड़क संपर्क से बागवानी क्षेत्र को नई गति मिलेगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इन दोनों परियोजनाओं के सभी आवश्यक औपचारिक कार्यों को शीघ्र पूरा कर निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभ करेगी, ताकि जनता को इनका लाभ समयबद्ध रूप से मिल सके।

अंत में उन्होंने कहा, “हिमाचल प्रदेश के हित हमारे लिए सर्वोपरि हैं। प्रदेश के विकास, किसानों और बागवानों के हितों की रक्षा के लिए हम दलगत राजनीति से ऊपर उठकर भारत सरकार के साथ सकारात्मक समन्वय बनाए रखते हुए कार्य करते रहेंगे। हमारा उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक विकास पहुँचाना है।”

📍 Location: शिमला (शिमला)

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