कुल्लूः हिमाचल प्रदेश की सुख्खू सरकार पर्यटन क्षेत्र से जुड़े व्यवसायियों को लगातार नए आर्थिक बोझ तले दबाकर उनके जख्मों पर जख्म देने का काम कर रही है। यह बात पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन उद्योग को प्रोत्साहन देने के बजाय आए दिन विभिन्न शुल्कों में वृद्धि कर पर्यटन व्यवसायियों की मुश्किलें बढ़ा रही है।
गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से कंसेंट टू ऑपरेट (Consent to Operate) और कंसेंट टू एस्टैब्लिश (Consent to Establish) से संबंधित शुल्कों में संशोधन किया गया है। इस फैसले से छोटे-बड़े होटल और गेस्ट हाउस संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। सरकार ने इन शुल्कों में लगभग 150 प्रतिशत तक की वृद्धि कर पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को बड़ा झटका दिया है।
उन्होंने कहा कि संशोधित दरों के अनुसार बड़े होटल संचालकों को कंसेंट टू ऑपरेट और कंसेंट टू एस्टैब्लिश से संबंधित प्रमाणपत्रों के लिए अब 1 लाख 80 हजार रुपये तक शुल्क देना होगा, जबकि पहले यह राशि लगभग 70 हजार रुपये थी। इसी प्रकार छोटे होटल व्यवसायियों के लिए यह शुल्क बढ़ाकर 35 हजार रुपये कर दिया गया है, जो पहले लगभग 14 हजार रुपये था। उन्होंने कहा कि पहले से ही विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहे पर्यटन व्यवसायियों के लिए इतनी बड़ी शुल्क वृद्धि अतिरिक्त आर्थिक बोझ है।
गोविंद सिंह ठाकुर ने विशेष रूप से मनाली का उल्लेख करते हुए कहा कि मनाली हिमाचल प्रदेश का प्रमुख पर्यटन केंद्र है और यहां की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा पर्यटन उद्योग पर निर्भर है। होटल, गेस्ट हाउस, होमस्टे, टैक्सी ऑपरेटर और अन्य पर्यटन गतिविधियों से हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। ऐसे में सरकार द्वारा होटल और गेस्ट हाउस संचालकों पर शुल्कों में की गई भारी वृद्धि का सीधा असर मनाली के पर्यटन कारोबार पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मनाली जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल में व्यवसायियों को राहत और प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है, लेकिन प्रदेश सरकार लगातार नए आर्थिक बोझ डालकर उनकी मुश्किलें बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश का पर्यटन उद्योग लाखों लोगों की आजीविका का आधार है। इसके बावजूद सरकार ऐसे निर्णय ले रही है, जिनसे पर्यटन कारोबार की लागत बढ़ रही है और छोटे व्यवसायियों के लिए अपना कारोबार चलाना कठिन होता जा रहा है। सरकार को यह समझना चाहिए कि पर्यटन उद्योग पर अतिरिक्त शुल्क थोपने से प्रदेश की पर्यटन प्रतिस्पर्धा भी प्रभावित होगी।
गोविंद सिंह ठाकुर ने भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) के माध्यम से प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये की सड़क एवं आधारभूत ढांचा परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है, ताकि हिमाचल में सड़क संपर्क बेहतर हो और अधिक से अधिक पर्यटक प्रदेश के पर्यटन स्थलों तक आसानी से पहुंच सकें। वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार शुल्कों में लगातार वृद्धि करके इसी पर्यटन उद्योग पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।उन्होंने प्रदेश सरकार के इस निर्णय की कड़ी निंदा करते हुए मांग की कि होटल और गेस्ट हाउस संचालकों पर बढ़ाए गए शुल्कों को तत्काल वापस लिया जाए।
📍 Location: Kullu (Kullu)

