हिमाचल प्रदेश डेस्कः राज्य के सोलन जिले में एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आमतौर पर सोना-चांदी या नकदी चोरी की घटनाएं सुनने को मिलती हैं, लेकिन सोलन शहर के चंबाघाट श्मशानघाट से अस्थियों की चोरी ने सभी को हैरान कर दिया है। इस घटना से लोगों में गहरी चिंता और आक्रोश व्याप्त है, क्योंकि यह मामला सीधे धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, अंतिम संस्कार के बाद परिजनों द्वारा एकत्र की गई अस्थियां श्मशानघाट से गायब पाई गईं। पीड़ित परिवारों का कहना है कि यह उनकी आस्था पर गहरा आघात है। स्थानीय लोगों ने श्मशानघाट प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। परिजनों ने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज खंगालने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
पीड़ित ने सुनाई आपबीती
लोअर बाजार सोलन निवासी कमल पाल ने बताया कि उनकी माता का निधन 16 दिसंबर को हुआ था। उनका अंतिम संस्कार चंबाघाट स्थित श्मशानघाट में किया गया। उसी शाम उन्होंने माता की अस्थियों को श्मशानघाट के लॉकर में सुरक्षित रख दिया था और ताला लगाकर उसकी तीनों चाबियां अपने पास रख ली थीं।
कमल पाल ने बताया कि दसवें दिन, गुरुवार सुबह, जब वे अस्थियां लेने चंबाघाट पहुंचे तो देखा कि लॉकर का ताला टूटा हुआ था। लॉकर से न केवल अस्थियों का लोटा बल्कि अन्य सामान भी गायब था। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि उन्हें आज हरिद्वार जाकर अस्थि विसर्जन करना था, जिसके लिए वे सुबह चार बजे ही चंबाघाट पहुंच गए थे, लेकिन वहां उनकी माता की अस्थियां नहीं मिलीं।
कैसे होगा दसवां संस्कार
कमल पाल ने बताया कि उन्होंने इस घटना की जानकारी हरिद्वार के पंडित को फोन पर दी। इस पर पंडित ने सलाह दी कि चांदी की प्रतीकात्मक अस्थियां बनवाकर हरिद्वार लाया जाए, ताकि अस्थि विसर्जन के साथ दसवां संस्कार संपन्न किया जा सके।
पीड़ित पुत्र ने कहा कि सोलन में इस तरह की यह पहली घटना है और पहले कभी ऐसा मामला सामने नहीं आया। उन्होंने आशंका जताई कि अस्थियों का गलत इस्तेमाल भी हो सकता है। उन्होंने पुलिस से मामले की गहन जांच कर दोषियों को जल्द पकड़ने की मांग की है।

