शिमला (हिमाचल प्रदेश): रविवार को ईमेल के ज़रिए बम की ताज़ा धमकी मिलने के बाद शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश सचिवालय एक बार फिर हाई अलर्ट पर है। मुख्य सचिव के दफ़्तर को संबोधित इस धमकी के बाद प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
हालांकि रविवार की छुट्टी के कारण सचिवालय में कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था, फिर भी परिसर के चारों ओर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को बुलाया गया, जो सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गहन तलाशी अभियान चला रहे हैं।
अधिकारियों ने इस धमकी को गंभीरता से लिया है और पूरे इलाके पर कड़ी निगरानी रखी है। जांच एजेंसियां धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं, जिसने सचिवालय में इसी तरह की धमकियों के इतिहास को देखते हुए चिंता बढ़ा दी है।
यह पहली बार नहीं है जब राज्य सचिवालय को निशाना बनाया गया है। अप्रैल 2025 में भी इसी तरह की धमकी मिली थी, जिसके बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चाक-चौबंद किया गया था। उस घटना के दौरान कोई विस्फोटक नहीं मिला था, लेकिन रविवार को फिर से मिली धमकी ने राज्य सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव बढ़ा दिया है।
यह मामला केवल सचिवालय तक ही सीमित नहीं है। हाल के हफ्तों में हमीरपुर, मंडी, चंबा और कुल्लू जिलों में डिप्टी कमिश्नर (डीसी) कार्यालयों को भी ईमेल या गुमनाम पत्रों के जरिए बम की धमकियां मिली हैं। शुक्र है कि बाद की तलाशी के दौरान इनमें से किसी भी स्थान पर कोई विस्फोटक उपकरण नहीं मिला।
इस तरह की धमकियों की बढ़ती आवृत्ति के साथ, हिमाचल प्रदेश प्रशासन स्थिति को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि राज्य के सभी प्रमुख प्रशासनिक भवनों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को सुदृढ़ किया जा रहा है।
जांच जारी है, और अधिकारियों को उम्मीद है कि वे जल्द ही फर्जी धमकियों की श्रृंखला के पीछे व्यक्ति या समूह की पहचान करने में सफल होंगे, जो संसाधनों पर दबाव डाल रहे हैं और सार्वजनिक चिंता का कारण बन रहे हैं।
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