Last Updated: September 21, 2026

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Shimla: चियोग स्कूल में छात्रा के साथ भेदभाव मामले में आयोग सख्त, विभागों से तलब की रिपोर्ट

July 28, 2026

Shimla: चियोग स्कूल में छात्रा के साथ भेदभाव मामले में आयोग सख्त, विभागों से तलब की रिपोर्ट

शिमलाः हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग की ओर से विभिन्न संगठनों के साथ आज बचत भवन में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने की।

आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि जनप्रतिनिधि, एनजीओ के सदस्य आयोग की कान आँखे हैं। अनुसूचित जाति वर्ग के साथ कोई अपराध या कुछ भी गलत होता है तो उसकी सूचना कुछ मिनटों में आयोग तक पहुंच जाती है और तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाती है। उन्होंने कहा कि छुआछूत अभिशाप है और इसके खिलाफ सख्त कानून बने हैं लेकिन जब इन कानूनों का पालन नहीं होता है तो फिर कार्रवाई करनी होती है। रोहड़ू में 12 साल के बच्चे द्वारा आत्महत्या मामले में सच में जातिगत भेदभाव हुआ था। आयोग स्वयं मौके पर गया था और एसएचओ को जांच में लापरवाही बरतने के चलते तुरंत सस्पेंड कर दिया गया था। सैंज घटना के दौरान एक महिला मंडल ने हमें शिकायत दी थी।

आयोग ने रिपोर्ट मांगी और उसके बाद मौके पर गए। एक अनुसूचित जाति समुदाय की महिला सिलाई का काम करती थी। उस महिला के साथ कुछ लोगों ने दुष्कर्म किया और हत्या कर दी। पुलिस की जांच में महिला की आत्महत्या का मामला बनाया गया था। जब आयोग ने मामले की जांच विभिन्न पहलुओं पर करने के निर्देश दिए तो पुलिस जांच कमेटी के सदस्यों को कोताही बरतने पर सस्पेंड किया गया। अब इस मामले में सही दिशा में जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा तभी अनुसूचित वर्ग के लोगों को उनके हक मुहैया करवा पाएंगे। उन्होंने जिला भर में अंबेडकर भवन की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट जिला प्रशासन को देने के निर्देश दिए।

आयोग ने कहा कि चियोग स्कूल में दलित छात्रा के हाथों से भोजन न खाने के मामले को लेकर संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब की जाएगी। इसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आयोग के सदस्य डॉ विजय डोगरा ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आयोग सजगता से कार्य कर रहा है। किसी भी व्यक्ति के अधिकारों का शोषण नहीं होने देंगे। अनुसूचित वर्ग के लिए जो बजट आवंटित होता है, उसका धरातल पर किस तरह इस्तेमाल हो रहा है इसका आकलन किया जाता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न संगठन के माध्यम से जो सुझाव और शिकायत प्राप्त होती हैं उनका आयोग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाता है।

यह रहे मौजूद

पूर्व मेयर सोहन लाल, जिला परिषद सदस्य अनुराधा, बीडीसी सदस्य आशा कश्यप, संयोजक गदर फ्रंट रवि कुमार दलित, कर्म चंद भाटिया, एल. आर. कश्यप, रोशन लाल डोगरा, जगत राम, राजेश कश्यप, एस. आर. कश्यप, आर. पी. सिंह, प्रीत पाल मट्टू, यशपाल, अलीशा, अमित भाटिया, नरेश आदि मौजूद रहे।

भीम पत्र किया लॉन्च

आयोग के सदस्य ने भीम पत्र भी लांच किया। इसमें भारतीय संविधान में अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के अधिकारों का विशेष प्रावधान के बारे संक्षिप्त जानकारी है। ताकि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से समान अवसर प्राप्त हो सकें। संविधान के अनुच्छेद 15, 16, 46, 330, 332 तथा 338 आदि के माध्यम से शिक्षा, सरकारी नौकरियों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में आरक्षण की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, उनके हितों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया गया है। इन संवैधानिक प्रावधानों का उद्देश्य ऐतिहासिक अन्याय को दूर करना, सामाजिक न्याय स्थापित करना तथा देश के समग्र और समावेशी विकास को सुनिश्चित करना है। भविष्य में इस तरह का एक और पत्र जारी होगा जिसमें प्रदेश और केंद्र सरकार की ओर से अनुसूचित जाति वर्ग के लिए योजनाओं का जिक्र होगा।

इन्हें किया गया सम्मानित

आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्ञान सागर नेगी ने टोपी और मफलर देकर सम्मानित किया। आयोग के सदस्य दिग्विजय मल्होत्रा और डॉ विजय डोगरा को जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा तथा सदस्य शालिनी जम्वाल को डीएसपी गुलशन नेगी ने सम्मानित किया।

इन्होंने रखा अपना पक्ष

पूर्व मेयर सोहन लाल ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को अपने अधिकारों को हासिल करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। लोगों को अधिक से अधिक जागरूक होना चाहिए। जगत राम दलित शोषण मुक्ति मंच ने कहा कि अनुसूचित जाती/जनजाति कम्पोनेंट के लिए तेलंगाना की तर्ज पर कानून बनाया जाए। क्योंकि अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के उत्थान के लिए आया हुआ पैसा दूसरे कार्यों में लगाया जा रहा है। सभी प्रकार की भर्तियों में आरक्षण रोस्टर लागू किया जाए।
रोशन लाल डोगरा ने कहा कि संविधान में दिए गए अनुच्छेद 15 के तहत अधिकारों को ही लागू कर दे तो काफी हद तक सारी समस्याएं हल हो जाएगी। गोपाल झीलटा ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के प्रताड़ित व्यक्ति को वकील प्रशासन की ओर से कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए नहीं मिल रहे है। बिट्टू पन्ना ने कहा कि नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की जो सैलरी काटी गई है उन्हें काटी हुई सैलरी दी जाए।

राजेश ने कहा कि मिड-डे मील वर्कर से सफाई का कार्य कई स्कूलों में करवाया जा रहा है जोकि पूर्ण रूप से गलत है। इसके साथ उन्होंने चियोग स्कूल में दलित छात्रा के हाथों से भोजन न खाने के मामले को उठाया। जिला परिषद सदस्य अनुराधा ने कहा कि संविधान दिवस के कार्यक्रम में सभी लोग सम्मिलित होने चाहिए। केवल अनुसूचित जाति के लोग गांव स्तर तक इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करते है। इसमें आमजन को शामिल करने की दिशा में कार्य होना चाहिए। आशा कार्यकर्ता ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जब हम लोगों के घरों में जाते है तो कई घरों में जातिगत भेदभाव होता है। लेकिन फिर भी हम अपने कार्य को पूरा करते है। ललिता ने कहा कि शिमला शहर में जातिगत मामले कार्य के दौरान नहीं आते है।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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