Last Updated: September 22, 2026

Dainik Savera Times Logo

हिमाचल के मौसम में अजब बदलाव, नवंबर में 90% कम बरसे बादल

November 20, 2025

हिमाचल के मौसम में अजब बदलाव, नवंबर में 90% कम बरसे बादल

शिमला: हिमाचल प्रदेश में इस साल नवंबर में बारिश लगभग शून्य रही है, जिससे प्रदेश में सूखे की स्थिति लगातार दूसरे वर्ष गंभीर होती नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, 2025 में अब तक हुई बारिश सामान्य से लगभग 90 प्रतिशत कम रही है। याद रहे, पिछले वर्ष इस समय बारिश सामान्य से 99 प्रतिशत कम दर्ज की गई थी। साल 2021 में भी बारिश सामान्य से 95 प्रतिशत कम थी।

पूरे प्रदेश में बारिश का अभाव

प्रदेश के सभी जिलों में नवंबर में बारिश न के बराबर रही है। इसके बावजूद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। पश्चिमी विक्षोभों की कमी और शुष्क हवाओं के चलते सुबह-शाम का तापमान लगातार गिर रहा है। बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक 25 स्थानों पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम रिकॉर्ड किया गया। कुकुमसेरी, ताबो और केलांग में तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया। सुंदरनगर और बिलासपुर में घना और मध्यम कोहरा रहा।

न्यूनतम और अधिकतम तापमान की स्थिति

न्यूनतम: शिमला 8.6, सुंदरनगर 4.7, कल्पा 1.8, केलांग -1.1, कुकुमसेरी -3.0, ताबो -2.6 डिग्री सेल्सियस।

अधिकतम: ऊना 27.0, हमीरपुर 26.3, शिमला 18.8, मनाली 17.6, केलांग 14.4 डिग्री सेल्सियस।

अगले दिनों का मौसम

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 26 नवंबर तक मौसम मुख्यतः साफ रहेगा। न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, जबकि निचले पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों का अधिकतम तापमान स्थिर रहने की संभावना है।

ये भी पढ़ें: ऊना में भीषण सड़क हादसा: कार और ट्राले की जबरदस्त टक्कर, 3 की मौत

रोहतांग दर्रा पर्यटकों के लिए बंद

शुरू हुई बर्फबारी और सड़क पर जमा पानी के कारण रोहतांग दर्रा आज से पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, एनएच-03 पर ग्रांफू से रोहतांग और जिंगजिंगबार से सरचू तक किसी भी वाहन की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, अटल टनल रोहतांग पार करके कोकसर के पास ग्रांफू में बर्फ का आनंद लिया जा सकता है। लाहौल-स्पीति में सिस्सू, स्नो स्वाइंट यांगला, केलांग, उदयपुर, त्रिलोकनाथ मंदिर, जिस्पा और दारचा जैसे क्षेत्रों तक यात्रा जारी रहेगी।

असर: कृषि और जल संसाधन पर खतरा

लगातार दो साल कम बारिश होने से प्रदेश में जल स्रोत, कृषि, बागवानी और पेयजल आपूर्ति पर असर पड़ने की संभावना है। किसानों और बागवानों को मौसम की स्थिति पर विशेष ध्यान देना होगा।

ये भी पढ़ें : Petrol Diesel Price: पेट्रोल-डीजल के आज नए रेट जारी, जानें किस शहर में कितना हुआ महंगा?

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें