शिमला। हिमाचल प्रदेश में ‘न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम’ की अधिसूचना को रद्द करने की मांग को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ (PTF) ने राज्य सरकार के खिलाफ निर्णायक मोर्चा खोल दिया है। कांगड़ा के बगलामुखी मंदिर से 11 जुलाई से शुरू हुई 15 दिवसीय ‘प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा’ के उपरांत रविवार को शिमला के चौड़ा मैदान में हजारों शिक्षकों ने महारैली निकालकर हुंकार भरी।शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रहने और केवल कमेटी गठन के सरकारी प्रस्ताव को खारिज करने के बाद, संघ ने आज शाम से ही क्रमिक अनशन शुरू करने का बड़ा ऐलान कर दिया है।
इस मौके पर प्रदेशाध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि संघ ने सरकार के खिलाफ अनिश्चितकालीन आंदोलन और क्रमिक अनशन का बिगुल फूंक दिया है। पांगी, भरमौर और डोडरा क्वार जैसे दुर्गम क्षेत्रों से आए करीब 15,000 से 17,000 शिक्षकों, जेबीटी, नर्सरी शिक्षकों और सेवानिवृत्त कर्मियों की उपस्थिति में उन्होंने सरकार द्वारा लागू किए जा रहे ‘न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम’ का कड़ा विरोध किया, जिसमें 15 से 20 प्राथमिक स्कूलों को एक प्रिंसिपल के अधीन किया जा रहा है।
रमेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि इसी मौजूदा व्यवस्था के कारण हिमाचल प्रदेश ने 2023 की ‘असर’ (ASER) रिपोर्ट में देश में प्रथम स्थान और 2024 के नेशनल अचीवमेंट सर्वे (NAS) में तीसरी कक्षा में दूसरा स्थान हासिल किया था; ऐसे में व्यवस्था को सुधारने के बजाय नई प्रणाली थोपना पूरी तरह गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में 5,000 से अधिक पद खाली हैं, नर्सरी शिक्षक नहीं हैं और 3,000 से अधिक स्कूल सिंगल टीचर के भरोसे चल रहे हैं। पूर्व में शिक्षा मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासनों के बावजूद लगातार जारी हो रहे ‘तुगलकी फरमानों’ से आहत होकर संघ ने आज से ही क्रमिक अनशन शुरू करने का फैसला लिया है, जो आगामी विधानसभा चुनावों तक जारी रहेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम को तुरंत वापस नहीं लिया, तो बगलामुखी मंदिर से शुरू हुआ यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा और वे स्वयं चंबा से शिमला तक पदयात्रा कर संघर्ष को पूरे प्रदेश में फैलाएंगे। हालांकि मौके पर अभी अभी प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खू भी पंहुचे हैं अब देखना ये है कि मांगो पर सहमति बनती है या नहीं। फिलहाल प्राथमिक शिक्षकों ने आज से ही क्रमिक अनशन पर जाने का भी ऐलान कर दिया है।उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांगे नहीं मानी गई तो यह आंदोलन आगामी विधान सभा चुनाव तक जारी रहेगा।
📍 Location: शिमला (शिमला)

