शिमला: मानसून जाते-जाते अपने रंग दिखा रहा है। भारी बारिश से क्षेत्र में सड़कों और फसलों को नुकसान पहुंचा है। पांवटा साहिब में नाले के तेज बहाव में कई वाहन बह गए हैं, वहीं भूस्खलन के कारण क्षेत्र की कई सड़कें बंद हो गई हैं। सिरमौर के अलावा शिमला और सोलन के कई इलाकों में भी सुबह 10 बजे तक भारी बारिश की खबर है।
नतीजतन, प्रदेश भर में 80 से ज्यादा सड़कें और 400 से ज्यादा बिजली ट्रांसफार्मर काम करना बंद कर चुके हैं। हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग की चेतावनी के बीच बीती रात सिरमौर जिले के कई इलाकों में भारी बारिश ने कहर बरपाया। सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र में गिरि नदी पर बने जटोन डैम के गेट रात को खोले जाने के बाद आंज-भोज क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
पांवटा में ही 15 से ज्यादा सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिनमें क्षेत्र की 11 पंचायतों को जोड़ने वाला अंबोया पुल भी शामिल है। पांवटा साहिब की अंबोया पंचायत के अटवाल गांव में घराट में सो रहे 70 वर्षीय रंगीलाल की मलबे में दबने से मौत हो गई। भारी बारिश और सड़कों को हुए नुकसान को देखते हुए एसडीएम पांवटा साहिब गुंजीत चीमा ने संभाग के सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने ताजा बुलेटिन जारी कर 7 जिलों कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, मंडी, बिलासपुर, शिमला, सोलन और सिरमौर में दोपहर 12 बजे तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन जिलों के निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आने का अलर्ट भी जारी किया गया है। भारी बारिश के बाद जलभराव जैसे हालात बन सकते हैं। इसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

