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Himachal Weather: हिमाचल में पश्चिमी विक्षोभ का असर तेज, ऊंची चोटियों पर बर्फबारी जारी

snowfall in Himachal

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हिमाचल डेस्कः प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर तेज हो गया है। रोहतांग, शिंकुला, बारालाचा, कुंजुम दर्रा सहित चंद्रताल झील क्षेत्र में लगातार हिमपात हो रहा है। हालांकि बीते तीन दिनों से ऊंची चोटियों पर बर्फबारी जारी है, लेकिन निचले इलाकों में अब भी बारिश और हिमपात का इंतजार बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 22 जनवरी से प्रदेशभर में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। पर्यटन कारोबारियों के साथ-साथ किसान और बागवान भी बारिश व बर्फबारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि खेत-खलिहानों की प्यास अभी पूरी नहीं हुई है। लाहुल-स्पीति और मनाली घाटी में बादल छाए रहने से हिमपात की उम्मीद बनी हुई है।

हिमपात की उम्मीद में मनाली पहुंचे पर्यटक

बर्फबारी की आस में बड़ी संख्या में पर्यटक कुल्लू-मनाली का रुख कर रहे हैं। प्रदेश में सबसे अधिक पर्यटकों की आमद मनाली में दर्ज की जा रही है। पर्यटक सुबह-सुबह अटल टनल, सिस्सू और दारचा की ओर रवाना हो रहे हैं ताकि बर्फ के फाहों का दीदार कर सकें। हालांकि शिंकुला दर्रा आज भी पर्यटकों के लिए बंद है। हालात को देखते हुए लाहुल-स्पीति पुलिस पर्यटकों को केवल फोर-बाई-फोर वाहनों में जांस्कर समदो मैदान स्थित बीआरओ के ट्रांजिट कैंप तक ही जाने की अनुमति दे रही है।

वीकेंड पर बढ़ी होटल ऑक्यूपेंसी

सप्ताहांत के चलते पर्यटन नगरी मनाली के होटलों में ऑक्यूपेंसी 60 से 65 प्रतिशत के बीच दर्ज की जा रही है। होटल कारोबारी किशन राणा, विम्पी बक्शी, विनीत मेंहदी रत्ता और इंद्र ठाकुर ने बताया कि वीकेंड पर पर्यटकों की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। अधिकांश पर्यटक हिमपात की उम्मीद में मनाली पहुंच रहे हैं।

मनाली में बर्फबारी की संभावना

होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष रोशन ठाकुर ने बताया कि घाटी में बादल छाए हुए हैं, जिससे हिमपात की संभावना बढ़ गई है। यदि बर्फबारी होती है तो मनाली में पर्यटकों का सैलाब उमड़ सकता है।

लाहुल-स्पीति पुलिस की एडवाइजरी जारी

लाहुल-स्पीति पुलिस ने पर्यटकों और यात्रियों से मौसम और यातायात से संबंधित समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। निर्धारित स्थानों से आगे जाना प्रतिबंधित है और सभी आगंतुकों को तय समय पर लौटने की सलाह दी गई है। असुरक्षित व संवेदनशील स्थानों पर वाहन न रोकें। नदी तटों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से पूरी तरह दूरी बनाए रखें। पहाड़ी सड़कों पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं और लापरवाही या खतरनाक ड्राइविंग से बचें।

पुलिस व स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षित और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए जनता के सहयोग की अपील की गई है।

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