हिमाचल डेस्कः सोमवार को मौसम अचानक बदलने से शिमला समेत हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हुई। शिमला में शाम लगभग चार बजे हुई तेज बारिश के बाद नाले उफान पर आ गए। छुट्टी के बाद लौट रहे स्कूली बच्चे बारिश में भीगकर घर पहुंचे। ऊना, हमीरपुर, मंडी और अन्य जिलों में भी बारिश दर्ज की गई। नादौन में हल्की और शिकारी देवी में भारी ओलावृष्टि हुई।
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ओलावृष्टि ने बागवानों की वर्षों की मेहनत की बर्बाद
किन्नौर के निचार उपमंडल की रूपी वैली में स्थित शिगारचा पंचायत में सोमवर तड़के करीब 10 मिनट तक हुई भीषण ओलावृष्टि ने बागवानों की वर्षों की मेहनत बर्बाद कर दी। शिगारचा, हुरुवा और डबलिंग गांव सबसे अधिक प्रभावित रहे। भारी ओलों ने तैयार हो रही सेब की फसल को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया; कई पेड़ों से फल झड़ गए और बचे हुए फलों पर पड़े दाग‑धब्बे उनकी गुणवत्ता प्रभावित कर रहे हैं। सेब के अलावा नाशपाती, अखरोट, राजमा, कोदा, तुलसी व अन्य नकदी फसलें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
रामपुर बुशहर और चौपाल क्षेत्र में भी सोमवार शाम तेज बारिश व ओलावृष्टि हुई। नोग वैली व आसपास के क्षेत्रों में सेब व मटर की फसल को भारी क्षति हुई है। स्थानीय बागवानों का कहना है कि इस सीजन में अब तक लगभग 75 प्रतिशत तक सेब की फसल प्रभावित हो चुकी है, जिससे चिंताएँ बढ़ गई हैं। राजधानी शिमला में शाम के समय हुई तेज बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हुआ; सड़क किनारे नाले उफान पर आ गए और यातायात प्रभावित हुआ।
16–21 जून तक बादल बरसेंगे
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 16 से 21 जून के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है तथा ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हो सकती है। विशेष रूप से 18 व 19 जून को बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि के मद्देनजर येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने बताया कि अगले चार-पांच दिनों में न्यूनतम तापमान 2–3 डिग्री सेल्सियस तथा अधिकतम तापमान 2–4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है।
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