हिमाचल डेस्कः महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन का प्रभाव वर्ष 2029 में पहाड़ी राज्यों में देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार के प्रस्तावित विधेयक के अनुसार, 2029 के लोकसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर छह हो सकती है।
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प्रदेश में वर्ष 1967 में छह लोकसभा सीटों पर चुनाव हुए थे, लेकिन उसके बाद से अब तक केवल चार सीटों पर ही चुनाव होते रहे हैं। यदि केंद्र का यह विधेयक संसद में पारित हो जाता है, तो हिमाचल प्रदेश में लोकसभा सीटें चार से बढ़ाकर छह हो जाएंगी।
सीटों की संख्या बढ़ने के साथ ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू होने पर कम से कम दो सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वर्तमान में शिमला, मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र हैं। जबकि 1967 में चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर, महासू, मंडी और शिमला सहित छह संसदीय क्षेत्रों में चुनाव हुए थे।
परिसीमन इस बार किस आधार पर किया जाएगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश से एक महिला सांसद मंडी से कंगना रणौत हैं, जबकि वर्ष 2024 तक प्रतिभा सिंह इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
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