शिमला : हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में ही प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्र बर्फ से लकदक हो गए हैं। रोहतांग दर्रा, बारालाचा ला और शिंकुला दर्रे समेत लाहौल-स्पीति और किन्नौर की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी हुई है। वहीं प्रदेश के निचले और मध्यवर्ती क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। बर्फबारी और बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। मौसम के इस बदलाव का असर सडक़ यातायात और जनजीवन पर भी पड़ा है।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) की 26 सितंबर शाम पांच बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 39 सडक़ें यातायात के लिए बंद हैं। इनमें सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में देखने को मिला है। मंडी में 18 सडक़ें बंद हैं, जबकि अकेले सराज उपमंडल में 16 मार्ग यातायात के लिए बाधित हैं। कांगड़ा जिले में सात, कुल्लू में छह, ऊना में तीन, लाहौल-स्पीति में दो, सिरमौर में दो और शिमला जिले में एक सडक़ बंद है।
सडक़ें बंद होने से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोहतांग, बारालाचा ला और शिंकुला दर्रे समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद सडक़ मार्गों पर फिसलन बढ़ गई है। मौसम विभाग ने 26 से 29 सितंबर के बीच प्रदेश में खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। इस दौरान कई क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम के लगातार बदलते मिजाज को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

