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व्यवस्था परिवर्तन की परिकल्पना को साकार कर रहा खिलाड़ियों का सम्मानः CM Sukhu

CM Sukhu : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में आयोजित अंतराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों के सम्मान कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के संघर्ष को उचित मान सम्मान दे रही है। राज्य सरकार ने पुरस्कार राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है, ताकि खिलाड़ी प्रोत्साहित हों और युवा खेलों केसाथ जुड़ सकें। उन्होंने कहा.

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CM Sukhu : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में आयोजित अंतराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों के सम्मान कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के संघर्ष को उचित मान सम्मान दे रही है। राज्य सरकार ने पुरस्कार राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है, ताकि खिलाड़ी प्रोत्साहित हों और युवा खेलों केसाथ जुड़ सकें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों की भावनाओं का पूरा यान रखेगी। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन से हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। आज खिलाड़ियों का सम्मान उसी परिकल्पना को साकार कर रहा है क्योंकि पहले कोई खिलाड़ी कल्पना भी नहीं कर सकता था कि सम्मान राशि में इतनी बढ़ोतरी हो सकती है। शारीरिक बाधाओं को पदक विजेताओं का 1 करोड़ रुपये पार कर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि को आम खिलाड़ियों के बराबर आठ गुना बढ़ाया गया है।

उन्होंने कहा कि आज जब यह खिलाड़ी विदेशों में जाकर देश का नाम रोशन करते हैं तो हिमाचल प्रदेश भी वियात होता है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि 3 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए की गई है। रजत पदक विजेताओं को अब 2 करोड़ रुपए के स्थान पर 3 करोड़ रुपए तथा कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपए के स्थान पर 2 करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एशियाई खेलों और पैरा एशियाई खेलों में उत्ष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए स्वर्ण पदक विजेताओं की पुरस्कार राशि में वृद्धि करते हुए इसे 50 लाख रुपए से बढ़ाकर 4 करोड़ रुपए किया गया है, जबकि रजत पदक विजेताओं को 30 लाख रुपए के स्थान पर 250 करोड़ रुपए तथा कांस्य पदक विजेताओं को 20 लाख रुपए के स्थान पर 150 करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेताओं को व्यवस्था परिवर्तन की लाख रुपए के स्थान पर 3 करोड़ रुपए, रजत पदक विजेताओं को 30 लाख रुपए के स्थान पर 2 करोड़ रुपए और कांस्य पदक विजेताओं को 20 लाख रुपए के स्थान पर 1 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि दी जा रही है।

इसके अतिरिक्त डाइट मनी के साथ-साथ यात्रा भत्तों में भी बढ़ोतरी की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खुद खिलाड़ी रहे हैं। इसलिए खेल और खिलाड़ियों की अनदेखी नहीं कर सकते। राज्य सरकार ने दूसरे बजट में खिलाड़ियों की डाइट मनी बढ़ाने का फैसला भी लिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में अंडर-17 और अंडर-19 की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में 150 रुपए जबकि राष्ट्रीय स्तरीय प्रतिस्पओं के लिए 250 रुपए डाइट मनी दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर वर्तमान राज्य सरकार ने क्रमशः 400 और 500 रुपए किया है।

वहीं अंडर- 14 में पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में पहले राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में 120 रुपए, जबकि राष्ट्रीय स्तरीय प्रतिस्थाओं के लिए 250 रुपए डाइट मनी दी जाती थी, जिसे वर्तमान सरकार ने बढ़ाकर क्रमशः 250 रुपए और 400 रुपए किया है। वहीं खेल छात्रावासों में रहने वाले खिलाड़ियों को पहले 150 रुपये डाइट मनी दी जाती थी, लेकिन अब इन खिलाड़ियों को 400 रुपए प्रदान किए जा रहे हैं। इसके साथ ही राज्य से बाहर खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 200 किलामीटर की दूरी तक एसी थ्री टियर किराया और 200 किलामीटर से अकि की दूरी पर जाने वाले खिलाड़ियों को इकोनमी क्लास का हवाई किराया दिया जा रहा है।

युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अंतराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की समान राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है और आज हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के बराबर आकर खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर आज खिलाड़ियों को सम्मानित करने का कार्यक्रम भव्य स्तर पर आयोजित किया गया है।

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