HP Electricity production: हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की कमी के कारण जलविद्युत परियोजनाओं से बिजली उत्पादन में पिछले साल के मुकाबले 10 फीसदी तक की कमी आई है। उत्पादन में आई इस गिरावट के कारण राज्य को इस साल नवंबर में भी बाहर से बिजली खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। हिमाचल प्रदेश उत्तरी ग्रिड से रोजाना 100 लाख यूनिट बिजली खरीद रहा है। इसमें से 96 लाख यूनिट पंजाब और दिल्ली से आपूर्ति की जाती है। फिलहाल कुल 196 लाख यूनिट बिजली की व्यवस्था दूसरे राज्यों से की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश में रोजाना बिजली की मांग 360 लाख यूनिट है। पिछले साल नवंबर में हालात ऐसे थे कि बाहर से बिजली खरीदने की जरूरत नहीं पड़ी थी। इस साल उत्पादन कम होने के कारण राज्य को नवंबर में बिजली खरीदनी पड़ रही है। मानसून के दौरान बारिश में 18 फीसदी की कमी आई। अक्टूबर और नवंबर में अब तक बारिश नहीं हुई है, जिससे राज्य के कई इलाकों में सूखे जैसे हालात हैं। बिजली बोर्ड अपनी परियोजनाओं से सिर्फ 24 लाख यूनिट बिजली ही पैदा कर रहा है।
जलस्तर में कमी के अलावा जलस्रोतों के जमने से भी बिजली उत्पादन में कमी आई है। वर्तमान में राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में रात का तापमान शून्य से नीचे चला गया है। इसके कारण छोटे स्रोतों से जलविद्युत परियोजनाओं को मिलने वाला पानी कम हो गया है, जिससे वे जमने लगे हैं।
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