शिक्षा सुधार के लिए स्कूलों में पहुंचे बोर्ड अध्यक्ष, परीक्षा प्रणाली बदलने पर जोर
October 17, 2026
HPBOSE Chief Reviews Education Reforms in Kullu Schools : कुल्लू। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कुल्लू के साई स्टार स्कूल, ढालपुर और पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भुंतर का दौरा कर विद्यार्थियों व अध्यापकों से संवाद किया।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों, परीक्षा सुधारों और नकल पर अंकुश लगाने के प्रयासों की जानकारी दी। डॉ. शर्मा ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को विद्यार्थियों की वास्तविक समझ, व्यावहारिक ज्ञान और शैक्षणिक क्षमता के आकलन के अनुरूप बनाया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों, अध्यापकों, अभिभावकों और आम नागरिकों की सहभागिता को भी जरूरी बताया।
इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों, परीक्षा प्रणाली में सुधार, नकल पर अंकुश लगाने के लिए उठाए जा रहे कदमों तथा विद्यार्थियों की प्रतिभा और नैतिक मूल्यों के विकास के लिए बोर्ड की प्राथमिकताओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें विषयों की गहन समझ विकसित करने तथा प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए प्रेरित किया।
डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों का दौरा कर रहा है, ताकि शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के साथ-साथ विद्यार्थियों, अध्यापकों और अन्य संबंधित पक्षों से सीधे फीडबैक प्राप्त किया जा सके। इन दौरों का उद्देश्य केवल निर्देश देना नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों की समस्याओं को समझना, उपयोगी सुझाव प्राप्त करना और उनके आधार पर शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार करना भी है।
उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत उन्होंने भरमौर, किन्नौर, कांगड़ा और धर्मशाला का दौरा किया है तथा इसी क्रम में कुल्लू के शिक्षण संस्थानों में संवाद किया गया। आने वाले समय में प्रदेश के अन्य स्कूलों का दौरा भी किया जाएगा, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए व्यापक स्तर पर संवाद और सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। *शिक्षा सुधार में चार स्तंभ महत्वपूर्ण* बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए चार प्रमुख स्तंभों—विद्यार्थियों, अध्यापकों, अभिभावकों और आम नागरिकों—की सहभागिता आवश्यक है।
विद्यार्थियों को शिक्षित कर साक्षर, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना शिक्षा व्यवस्था का मूल उद्देश्य है। अध्यापक विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन देने, अभिभावक उनके विकास में सहयोग करने और आम नागरिक अपने अनुभवों तथा सुझावों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इन चारों स्तंभों के बीच समन्वय और सहयोग से ही विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है। आम लोगों से मिलने वाली सूचनाएं और सुझाव भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने में सहायक होते हैं।
डॉ. शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को धरातल पर लागू करने के लिए बोर्ड स्तर पर विभिन्न पहल की जा रही हैं। परीक्षा प्रणाली को विद्यार्थियों की वास्तविक शैक्षणिक क्षमता, विषयों की समझ और व्यावहारिक ज्ञान के आकलन के अनुरूप बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी दिशा में प्रश्नपत्रों के स्वरूप में बदलाव किया जा रहा है तथा प्रतियोगिता आधारित, अवधारणात्मक समझ पर केंद्रित और उच्च स्तरीय प्रश्नों को अधिक महत्व दिया जा रहा है।