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56 वर्षों की विरासत और स्वायत्तता पर प्रहार के खिलाफ HPUTWA का जोरदार विरोध प्रदर्शन

शिमला: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायत्तता, अकादमिक स्वतंत्रता और संस्थागत गरिमा पर लगातार हो रहे प्रहारों के विरोध में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ (HPUTWA) के आह्वान पर विश्वविद्यालय परिसर में एक जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को कमजोर करने का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विरोध प्रदर्शन को प्रो कुलभूषण चंदेल ,चौधरी वरयाम सिंह बैंस, सदस्य, HPU Alumni Association, डॉ. शशिकांत शर्मा, प्रो. नितिन व्यास, अध्यक्ष, HPUTWA तथा HPUTWA के पूर्व अध्यक्ष प्रो. हरीश ठाकुर ने संबोधित किया। वक्ताओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि 56 वर्षों में हजारों शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने अपना खून-पसीना देकर HPU को खड़ा किया है। सरकार द्वारा विश्वविद्यालय की स्वायत्तता में हस्तक्षेप न केवल वर्तमान शिक्षक समुदाय के अधिकारों पर हमला है, बल्कि उन सभी पुरोधाओं के बलिदान का अपमान है जिन्होंने इस संस्थान को प्रतिष्ठित बनाया है।

HPUTWA ने स्पष्ट चेतावनी दी कि स्वायत्तता को कमजोर करना सिर्फ प्रशासनिक शक्ति छीनना नहीं है, यह शिक्षकों की सामूहिक बौद्धिक क्षमता और पेशेवर गरिमा पर अविश्वास जताना है। विश्वविद्यालय कोई सरकारी दफ्तर नहीं है, जहाँ फाइलों से फैसले हों। यह ज्ञान, शोध और लोकतांत्रिक संवाद का केंद्र है। Academic Council और Executive Council जैसे वैधानिक निकायों को दरकिनार कर बाहरी नियंत्रण थोपना विश्वविद्यालय की आत्मा पर प्रहार है।”

शिक्षक संघ ने कहा कि हम जवाबदेही के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जवाबदेही के नाम पर अधीनता स्वीकार नहीं करेंगे। सरकार का काम नियंत्रण बढ़ाना नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय को पर्याप्त बजट, आधुनिक लैब, शोध अनुदान, छात्रावास, खेल सुविधाएं और मजबूत बुनियादी ढांचा देना है।

प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने नारा बुलंद किया

“विश्वविद्यालय को जवाबदेह बनाइए, लेकिन अधीनस्थ नहीं; उसे संसाधन दीजिए, अत्यधिक नियंत्रण नहीं। उसकी कमियों में सुधार कीजिए, लेकिन उसकी स्वायत्तता मत छीनिए।”

अंत में HPUTWA अध्यक्ष प्रो. नितिन व्यास ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन केवल एक सांकेतिक चेतावनी है। यदि स्वायत्तता पर हमले बंद नहीं हुए तो HPUTWA व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगी। उन्होंने इस संघर्ष में साथ देने के लिए सभी वरिष्ठ आचार्यों, कर्मचारियों, छात्रों, शोधार्थियों का आभार जताया।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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