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IGMC शिमला का मारपीट मामला: डॉक्टर और मरीज में हुई सुलह, गले लगाकर मानी गलती

IGMC Shimla Case

IGMC Shimla Case

हिमाचल डेस्कः प्रदेश के शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (IGMC) में डॉक्टर और मरीज के बीच हुए मारपीट के प्रकरण का अंत हो गया है। दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया है और विवाद सुलझ गया है। मरीज अर्जुन सिंह पंवार और डॉक्टर राघव नरूला ने एक-दूसरे से हाथ मिलाकर घटना को समाप्त कर दिया। घटना के दौरान दोनों पक्षों के माता-पिता भी मौजूद थे और उन्होंने भी स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने की पुष्टि की।

सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी गलतियों को स्वीकार किया। मरीज के परिवार ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान के कार्यालय में समझौता हुआ। डॉक्टर राघव नरूला की मां ने कहा कि पहले भी यही बात कही गई थी कि दोनों पक्षों से गलती हुई, दोनों बच्चे हमारे हैं। अर्जुन की माता ने भी परिवार व सरकार का आभार माना।

डॉक्टर राघव ने कहा कि अब दोनों पक्ष अपनी शिकायतें वापस ले लेंगे और उन्होंने मरीज को गले लगाया। डॉक्टर ने यह भी कहा कि विवाद को पहले ही सुलझाना चाहते थे। बता दें कि डॉक्टर राघव जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले हैं और मरीज अर्जुन सिंह ने कहा कि यदि उन्हें निमंत्रण मिला तो वे उनकी शादी में शामिल होंगे। पिता ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से उन्हें न्याय मिला और चोपाल के लोगों ने भी समर्थन दिखाया। नरेश चौहान ने कहा कि 22 दिसंबर की घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी और डॉक्टरों ने हड़ताल की थी।

पूरा विवाद क्या था?

दरअसल, 24 दिसंबर 2025 को IGMC में डॉक्टर और मरीज के बीच मारपीट की घटना सामने आई थी। वीडियो वायरल होते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। घटना के बाद IGMC प्रशासन ने डॉ. राघव निरूला को निलंबित कर दिया, जिसे लेकर डॉक्टरों के समूह ने तीव्र विरोध प्रदर्शन किया।

सीएम के आश्वासन के बावजूद 26 दिसंबर को डॉक्टरों ने सामूहिक अवकाश लिया। हिमाचल प्रदेश मेडिकल आफिसर एसोसिएशन (HPMOA) से जुड़े डॉक्टर भी अवकाश पर रहे। 27 दिसंबर को RDAs, HPMA और स्टेट एसोसिएशन ऑफ मेडिकल एंड डेंटल कालेज टीचर्स (SEMDICOT) ने भी हड़ताल की घोषणा की, जिसके कारण IGMC और प्रदेश के अन्य अस्पतालों में ओपीडी, वैकल्पिक आपरेशन और नियमित सेवाएं बाधित रहीं। आपात सेवाएं जारी रहीं। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद 27 दिसंबर को डॉक्टर्स ने हड़ताल वापस ले ली और 29 दिसंबर को अस्पतालों में सेवाएं सामान्य हो गईं।

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