शिमला: हिमाचल प्रदेश में पिछले 3 दिनों से हो रही लगातार बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) की 25 जनवरी शाम 6 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश भर में 832 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं, जबकि 1942 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। इसके अलावा 245 पेयजल योजनाएं बाधित होने से कई इलाकों में पानी की आपूर्ति चरमरा गई है।
सुबह की तुलना में शाम तक भले ही कुछ सड़कों और सेवाओं में आंशिक सुधार हुआ हो, लेकिन पर्वतीय जिलों में हालात अब भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। बर्फबारी, भूस्खलन और ब्लैक आइस के कारण कई मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप है। राजधानी शिमला में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है। जिले में 234 सड़कें बंद हैं, जबकि 303 ट्रांसफार्मर और 131 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं।
शिमला शहर के साथ-साथ ठियोग, रोहड़ू, चौपाल और कुमारसैन क्षेत्रों में बर्फबारी और फिसलन से आवाजाही मुश्किल हो गई है। कुल्लू में भारी बर्फबारी और भूस्खलन ने कहर बरपाया है। जिले में 142 सड़कें बंद, 174 डीटीआर ठप और 81 जल योजनाएं बाधित हैं। मनाली, बंजार और आनी क्षेत्रों में कई संपर्क मार्ग कटे हुए हैं। मंडी जिले में 130 सड़कें बंद हैं और 211 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। हालांकि जल योजनाओं को बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन ग्रामीण इलाकों में बिजली बहाली चुनौती बनी हुई है।
सिरमौर में 44 सड़कें बंद हैं, जबकि 264 ट्रांसफार्मर और 69 जल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। नाहन और पांवटा साहिब के ऊंचाई वाले इलाकों में हालात ज्यादा खराब हैं। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में 208 सड़कें बंद हैं। बर्फ की मोटी परत के कारण एनएच-3 सहित कई मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हैं। राहत कार्य मौसम पर निर्भर हैं। चंबा में 11 सड़कें, किन्नौर में 15, कांगड़ा में 2 और ऊना में 3 सड़कें बंद दर्ज की गई हैं। सोलन और हमीरपुर में स्थिति अपेक्षाकृत सामान्य बताई गई है।

