हिमाचलः मंडी में एक निजी कंपनी के शोरूम के शुभारंभ अवसर पर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार और उनके कामकाज की शैली पर करारा जुबानी हमला बोला। उन्होंने सुक्खू सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान जनता से जो गारंटियां और वादे किए थे, वे आज तक धरातल पर पूरे नहीं हो पाए हैं, लेकिन अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए अगले चुनावों से ठीक पहले ही अब नई-नई गारंटियों और घोषणाओं का ढोंग रचा जा रहा है।
उन्होंने नए जिलों के गठन के मुद्दे पर सरकार की मंशा पर कड़ा सवाल खड़ा करते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार को जनहित में वास्तव में नए प्रशासनिक जिलों का गठन करना ही था, तो यह कार्य अपने पांच साल के कार्यकाल की शुरुआत में ही कर देना चाहिए था। अब जबकि चुनावी वर्ष नजदीक आ चुका है, ऐसे में इस तरह के काल्पनिक और अव्यवहारिक निर्णय लेने के पीछे के असली मकसद को प्रदेश की जनता भली-भांति समझती है।
जयराम ठाकुर ने प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि इस समय पूरे देश भर में जनगणना की महत्वपूर्ण प्रक्रिया चल रही है, जिसके चलते सभी प्रकार की प्रशासनिक और राजस्व सीमाओं को पूरी तरह से फ्रीज कर दिया गया है। ऐसी कानूनी स्थिति और संवैधानिक परिस्थितियों के बीच नए जिलों के पुनर्गठन या इसके लिए किसी आयोग के गठन का निर्णय लेना किसी भी दृष्टिकोण से समझ से परे है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक जिम्मेदार मुख्य विपक्षी दल होने के नाते इस पूरे विषय पर पार्टी संगठन के भीतर गहराई से चर्चा करेगी और उसके पश्चात ही आधिकारिक तौर पर अपनी आगामी राजनीतिक एवं प्रशासनिक प्रतिक्रिया जनता के समक्ष रखेगी।
नेता प्रतिपक्ष ने हालिया राजनीतिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल ही में संपन्न हुए पंचायत और नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों और झूठे दावों की पूरी तरह से पोल खुल चुकी है और वे चुनाव परिणामों में पूरी तरह से धराशायी हो गई हैं। इसी चुनावी हार से घबराकर और अपनी गिरती साख को बचाने के उद्देश्य से अब सुक्खू सरकार जनता के बीच नए-नए शगूफे छोड़ने की नाकाम कोशिश कर रही है ताकि मूल मुद्दों से आम जनता का ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनावी वर्ष में मुख्यमंत्री सुक्खू अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन को संभालने और सरकार को पुनः सत्ता में लाने की व्यर्थ कोशिशें शुरू कर चुके हैं, परंतु राज्य की समझदार जनता अब उनके किसी भी प्रकार के बहकावे, झांसे या नई गारंटियों के जाल में आने वाली नहीं है और उनकी ये तमाम कोशिशें पूरी तरह विफल साबित होंगी।
पार्श्व गायिका सोना महापात्रा का राहुल गांधी पर तंज सुक्खू के व्यवस्था परिवर्तन की खोल रहा पोल
वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक क्षमता पर सवाल उठाते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि अब तो केवल प्रदेश की जनता ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की जाने-माने चेहरे और बॉलीवुड की प्रमुख पार्श्व गायिका सोना महापात्रा जैसी हस्तियां भी कांग्रेस नेतृत्व और मुख्यमंत्री के कामकाज का आकलन कर उन्हें राज्य के असली विकास पर ध्यान केंद्रित करने की सीधी नसीहत दे रही हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सोना महापात्रा द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी और हिमाचल की जमीनी स्थिति पर की गई टिप्पणी पूरी तरह से सत्य और जमीनी हकीकत को दर्शाती है।
जयराम ठाकुर ने अत्यंत चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले लगभग चार वर्षों के शासनकाल में कांग्रेस सरकार ने इस खूबसूरत और शांत देवभूमि हिमाचल प्रदेश की जो दुर्दशा की है, वह बेहद दुखद और चिंताजनक है। आज देश-विदेश से हिमाचल की वादियों में घूमने आने वाले पर्यटक भी यहां फैली अव्यवस्था को देखकर हैरान और चिंतित हैं। राज्य में चारों तरफ कूड़े के विशाल ढेर लगे हुए हैं और वेस्ट मैनेजमेंट तथा कचरा निष्पादन का कोई भी प्रभावी सिस्टम धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। सरकार की इस घोर प्रशासनिक नाकामी और अकर्मण्यता के कारण न केवल हिमाचल प्रदेश की स्वाभाविक सुंदरता पर गहरा दाग लग रहा है, बल्कि राज्य की रीढ़ माने जाने वाले पर्यटन कारोबार पर भी इसका बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि आम जनता और कारोबारियों पर केवल मनमाने टैक्स थोपने या जबरन टैक्स वसूली करने से व्यवस्था में सुधार नहीं आने वाला है, बल्कि जो भारी राजस्व वसूला जा रहा है, उसे धरातल पर विकास कार्यों और मूलभूत नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करने पर ईमानदारी से खर्च भी करना होगा। इसलिए बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर सोना महापात्रा ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण की अनदेखी और कचरा प्रबंधन की कथित समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर यही निशाना साधा था। उन्होंने गांधी से पूछा है कि क्या वे ‘लोकतंत्र को ठीक करने’ से पहले हिमाचल प्रदेश को ठीक करने का काम शुरू करें। महापात्रा ने गांधी को सलाह दी है कि वे लोकतंत्र को ठीक करने की बात करने से पहले कांग्रेस-शासित हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने पर ध्यान दें।
*गांधी परिवार की खुशामद करने के लिए प्रदेश के खजाने पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालकर सरकारी हेलिकॉप्टर का हो रहा दुरुपयोग*
मुख्यमंत्री की राजनीतिक प्राथमिकताओं पर तीखा हमला बोलते हुए जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुक्खू का पूरा ध्यान प्रदेश के विकास, सुशासन और जनसमस्याओं के समाधान पर न होकर केवल अपनी डगमगाती कुर्सी बचाने और नई दिल्ली में गांधी परिवार की परिक्रमा करने तक ही सीमित होकर रह गया है। वे हर दूसरे दिन अपनी कुर्सी सुरक्षित रखने के लिए दिल्ली दरबार के चक्कर काट रहे हैं और इसके लिए सरकारी हेलिकॉप्टर का उपयोग किसी साइकिल की भांति बेधड़क कर रहे हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि जब भाजपा सरकार के दौरान विकास कार्यों और आपातकालीन सेवाओं के लिए हेलिकॉप्टर का प्रयोग किया जाता था, तब यही कांग्रेस नेता फिजूलखर्ची का मनगढ़ंत आरोप लगाते हुए तरह-तरह की टिप्पणियां करते थे, जबकि हमने सदैव इसका उपयोग दूरदराज के क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज करने और जनता की सेवा के लिए किया था। इसके विपरीत, आज मुख्यमंत्री सुक्खू केवल कांग्रेस पार्टी के महंगे वकील-नेताओं को दिल्ली से लाने-ले जाने और गांधी परिवार की व्यक्तिगत खुशामद करने के लिए प्रदेश के खजाने पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालकर सरकारी हेलिकॉप्टर का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता आने वाले चुनावों में करारा जवाब देगी।
📍 Location: शिमला (शिमला)

