जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर तीखा हमला
August 18, 2026
Jairam Thakur attacks the government : शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर अधिकारियों की नियुक्तियों, एक्सटेंशन और सरकार की नीतियों को लेकर तीखा निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नए अधिकारियों को लेने से इनकार कर रही है, जबकि कुछ अधिकारियों को लगातार एक्सटेंशन दी जा रही है। जयराम ने सरकार की अन्य नियुक्तियों और नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश को आपदा से ज्यादा नुकसान सरकार की गलत नीतियों से हुआ है। उन्होंने एक पूर्व आईएएस अधिकारी की तरफ ईशारा करते हुए कहा कि यह अधिकारी सीएम को इतने प्रिय है कि जब विपक्ष में थे तो उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते थे और आज उन्हें बार-बार एक्सटेंशन दिए जा रहे हैं। खुद सरकार का कार्यकाल एक वर्ष का बचा है जबकि इस अधिकारी को एक्सटेंशन दो वर्षों की दे दी गई है। अधिकारियों से तौबा करने वाले सीएम ने खुद चेयरमैन और वायस चेयरमैन की कैबिनेट रैंक के साथ फौज खड़ी कर रखी है। सीपीएस की गैरकानूनी ढंग से नियुक्तियां करके प्रदेश के पैसों का दुरूपयोग किया। यह खर्चे सीएम को नजर नहीं आते जबकि अधिकारियों के ही खर्चे नजर आ रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सीएम सुक्खू ने चेयरमैन और वायस चेयरमैन के पदों पर भी किसी कांग्रेसी को नहीं बैठाया है बल्कि वहां पर अपने मित्रों की फौज खड़ी कर रखी है। आज भी इन नियुक्तियों का दौर लगातार जारी है। लगातार मंत्रीमंडल के विस्तार की बातें सरकार द्वारा कही जा रही हैं लेकिन फिर भी मंत्री नहीं बना पा रहे हैं। सीएम खुद अपना उपहास बना रहे हैं और प्रदेश का सत्यानाश करके रख दिया है। इतना नुकसान प्रदेश को आपदा से नहीं हुआ जितना सीएम की नीतियों से हो रहा है। वहीं, उन्होंने कहा कि प्रदेश को आपदा से भी ज्यादा नुकसान सुक्खू सरकार की गलत नीतियों से पहुँचा है, जिसका उदाहरण इनकी नेता प्रियंका गांधी द्वारा एक तैयार स्कूल भवन का तीन-तीन बार कार्यक्रम रद्द करना भी है, जहाँ सारे सरकारी ताम-झाम, मंत्रियों, अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती के बावजूद लोकार्पण न होने से पिछले नौ महीनों से बच्चे नए भवन में पढ़ने से वंचित हैं और यह मामला अब अदालत तक पहुँच गया है।
इसी कड़ी में जयराम ठाकुर ने सराज विधानसभा क्षेत्र के जंजैहली व थुनाग मंडल के पदाधिकारियों के साथ मिलकर सुक्खू सरकार की जनविरोधी नीतियों और कांग्रेस नेताओं द्वारा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के अपमान के विरोध में आयोजित धरना-प्रदर्शन व जनसभा को संबोधित करते हुए यह स्पष्ट किया कि वंदे मातरम् केवल एक राष्ट्रगीत नहीं बल्कि भारत की राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और स्वतंत्रता संग्राम की अमर भावना का प्रतीक है, जिसे आजादी के पहले से विरोध करने वाली कांग्रेस मानसिकता के खिलाफ भाजपा कभी बर्दाश्त नहीं करेगी और राष्ट्रगौरव के इस मुद्दे पर हमेशा मजबूती से आवाज उठाती रहेगी, जिसके बाद उन्होंने सराज के नवनिर्वाचित भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधियों के सम्मेलन को संबोधित कर उन्हें आगामी सफल कार्यकाल की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।