जालंधर: शहर के बस्ती शेख स्थित छठवीं पातशाही गुरुद्वारा साहिब के ठीक बाहर बीती रात हुई बारिश के कारण हुए जलभराव के बीच लोहे के बिजली खंभे में करंट उतरने से एक घोड़े की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के समय घोड़ा मालिक घास काटकर अपने घोड़े के साथ लौट रहा था। उसके साथ मौजूद बच्चे भी करंट की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। घटना के बाद इलाके के लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ रोष फैल गया।
मिली जानकारी के मुताबिक सड़क पर बारिश का पानी जमा था। इसी दौरान सड़क किनारे लगे लोहे के बिजली खंभे में करंट आ रहा था। जैसे ही घोड़ा खंभे के पास से गुजरा, उसकी लोहे की नाल पानी के संपर्क में आ गई और करंट उसके शरीर में दौड़ गया। घोड़ा वहीं तड़पने लगा और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
घोड़ा मालिक ने बताया कि हादसे के समय उसका भांजा और कुछ बच्चे भी वहां मौजूद थे। उसके भांजे को भी करंट का झटका लगा, लेकिन उसकी जान बच गई। घटना के बाद घोड़ा मालिक का रो-रोकर बुरा हाल था। उसका कहना था कि उसने काफी मेहनत से घोड़ा खरीदा था और इसी के जरिए वह अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। घोड़े की मौत से उसकी रोजी-रोटी का सहारा भी छिन गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि खंभे में करंट होने की जानकारी आसपास के लोगों को थी और वे एक-दूसरे को वहां से दूर रहने की चेतावनी भी दे रहे थे। लोगों ने कहां कि खंबे से गुजरने वाले अन्य लोगों की जान पर खतरा मंडराता रहता है।
इलाके के लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि आज एक बेजुबान जानवर की जान गई है। यदि समय रहते खतरनाक लोहे के खंभों और बिजली की तारों को दुरुस्त नहीं किया गया तो भविष्य में किसी इंसान के साथ भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने मृत घोड़े के गरीब मालिक को आर्थिक मुआवजा देने के साथ इलाके की बिजली व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने की मांग की है।

