हिमाचल डेस्कः प्रदेश के जिला हमीरपुर में पीलिया के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। शहर से सटे नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर-11 (बड़ू) में बुधवार शाम तक 13 स्कूली बच्चों सहित कुल 35 लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। एक साथ इतने मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर आ गया है और प्रभावित क्षेत्र में मेडिकल टीमें तैनात कर दी गई हैं।
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जानकारी के अनुसार, बड़ू क्षेत्र में 8 मार्च से पीलिया के मामले सामने आने शुरू हुए थे। सबसे चिंताजनक बात यह है कि वार्ड-11 स्थित एक मिडिल स्कूल के 13 बच्चे भी इस बीमारी से संक्रमित पाए गए हैं। बच्चों के बीमार पड़ने से अभिभावकों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। हालांकि राहत की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में उपचार ले रहे कुछ मरीजों की स्थिति में सुधार भी हो रहा है।
प्रारंभिक जांच में पीलिया फैलने का मुख्य कारण दूषित पेयजल आपूर्ति को माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बड़ू क्षेत्र से पानी के सैंपल लिए गए थे, जिनकी रिपोर्ट संदिग्ध पाई गई है। पानी की गुणवत्ता में खराबी की आशंका को देखते हुए जल शक्ति विभाग को भी स्थिति से अवगत करवा दिया गया है, ताकि पेयजल आपूर्ति की जांच कर उसे सुरक्षित बनाया जा सके। बीमारी को महामारी का रूप लेने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। टौणी देवी स्वास्थ्य खंड की टीमें लगातार बड़ू क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं। टीमें घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच कर रही हैं तथा जरूरतमंद मरीजों को मौके पर ही दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
स्थिति पर पूरी नजर: सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर डॉ. प्रवीण चौधरी ने बताया कि वार्ड नंबर-11 बड़ू क्षेत्र में पीलिया के मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर लोगों की जांच कर रही हैं और मरीजों को आवश्यक दवाइयां भी दी जा रही हैं। एहतियात के तौर पर स्कूली बच्चों के भी सैंपल लिए गए थे, जिनमें 13 बच्चे पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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