हिमाचल प्रदेश: कांगड़ा में एक टेंट हाउस में भीषण आग लग गई। बता दें कि ज्वालामुखी इलाके के फकलोह क्षेत्र में शनिवार देर रात से रविवार सुबह तक अचानक लगी आग ने स्थानीय व्यवसायी समिता चौधरी की मेहनत पर पानी फेर दिया। समिता द्वारा संचालित “मिट्ठू टेंट हाउस” आग की भयंकर लपटों में पूरी तरह जलकर राख हो गया। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक आग से लगभग 80 लाख रुपये का सामान नष्ट हो गया।
आग में खाक हुआ सारा सामान
आग इतनी तीव्र थी कि टेंट हाउस में रखे झूमर, कुर्सियाँ, मेज, काउंटर, बर्तन, चटाई, क्रॉकरी और लगभग 200 बिस्तर जलकर खाक हो गए। स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुँचते ही हादसे की भयावहता देखकर स्तब्ध रह गए।
पहले भी हो चुका है हादसा
समिता चौधरी ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 5 बजे किसी अजनबी का फोन आया और जब वह तुरंत घटनास्थल पहुँचीं, तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था। उन्होंने आग को किसी शरारती तत्व की गतिविधि से जोड़कर देखा। समिता ने यह भी कहा कि कोविड-19 से पहले उनके दारंग स्थित टेंट हाउस में भी आग लगने की कोशिश हुई थी, जिसे समय रहते रोका गया था।
दमकल टीम ने कड़ी मशक्कत की
सूचना मिलते ही ज्वालामुखी से दमकल की टीम घटनास्थल पर पहुँची, लेकिन पानी का दबाव कम होने के कारण आग को काबू में नहीं किया जा सका। बाद में देहरा से बुलाई गई टीम ने लंबी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया।
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प्रशासन ने किया नुकसान का आकलन
ज्वालामुखी विधायक संजय रत्न भी घटनास्थल पर पहुँचे और प्रभावित परिवार को तत्काल राहत देने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि समिता चौधरी और उनके बच्चों को इस संकट की घड़ी में मदद पहुँचाई जाए।
कारणों की जांच जारी
आग लगने के कारणों की जांच जारी है। समिता चौधरी अपने पति के निधन के बाद पिछले पाँच वर्षों से अकेले ही टेंट हाउस चला रही थीं। उनके परिवार में 13 वर्षीय बेटा गीतांश और 10 वर्षीय बेटी रूहानी हैं, जो इस अचानक हुए नुकसान से बेहद प्रभावित हैं।
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