हिमाचल प्रदेश: नूरपुर उपमंडल के प्रसिद्ध नागनी माता मंदिर के समीप बीती रात हुई भयंकर आगजनी की घटना में 8 दुकानें जलकर राख हो गई। बता दें कि देर रात लगभग 12 बजे के करीब अचानक लगी आग ने देखते ही देखते 8 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों और दमकल विभाग की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सभी दुकानें जलकर राख हो चुकी थीं।
प्रत्यक्षदर्शी दुकानदार ने बताया कि उन्हें रात को किसी ने सूचना दी कि दुकानों में आग लग गई है। जब वे मौके पर पहुंचे, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। “हमने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक सब कुछ राख हो चुका था,” राकेश ने बताया। उनके अनुसार, इनमें 3 दुकानें पक्की थीं, जबकि बाकी कच्ची व तिरपाल से बनी अस्थायी दुकानें थीं।
इन सभी दुकानों का स्वामित्व स्थानीय ट्रस्ट के पास है, और दुकानदार नियमित रूप से किराया अदा करते हैं। आग लगने के कारण लाखों रुपए का नुकसान हुआ है दुकानों में रखा सारा सामान, दस्तावेज़ और नकदी जलकर राख हो गई।
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संभावित साजिश की आशंका
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह आग किसी शरारती तत्वों की करतूत हो सकती है। पूर्व पंचायत प्रधान प्रीतम ने बताया कि घटना देर रात 10 बजे के बाद की लगती है और प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत होता है। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है, ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
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प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
एसडीएम नूरपुर अरुण शर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम को मौके पर भेजा गया था। उन्होंने कहा कि “राहत मैनुअल के अनुसार प्रभावित दुकानदारों को उचित सहायता दी जाएगी।” साथ ही पुलिस को मामले की गहन जांच करने और किसी भी संभावित शरारती तत्व की भूमिका की पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने की सरकार से मदद की अपील
पीड़ित दुकानदारों ने राज्य सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें मुआवजा और पुनर्वास सहायता जल्द से जल्द प्रदान की जाए, ताकि वे अपनी रोज़ी-रोटी फिर से शुरू कर सकें। स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की है कि मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और रात्रिकालीन निगरानी को सुदृढ़ किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

