हिमाचल डेस्कः मंगलवार सुबह कविंद्र गुप्ता ने हिमाचल प्रदेश के 30वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया ने उन्हें शपथ दिलाई। राज्यपाल ने हिंदी में शपथ ग्रहण की। मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने राष्ट्रपति का वारंट पढ़ा, जो नियुक्ति का प्रमाण-पत्र है।
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शपथ समारोह में पहली बार छह छंदों वाला वंदे मातरम
कार्यक्रम में पहली बार छह छंदों वाला ‘वंदे मातरम’ गाया गया। केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों के तहत सरकारी आयोजनों, स्कूलों में इसे अनिवार्य किया गया है। सभी को खड़े होकर इसका सम्मान करना होगा, जैसे ‘जन गण मन’ के समय। हिमाचल में यह परंपरा राज्यपाल शपथ से शुरू हुई।
आज लोक भवन में माननीय राज्यपाल श्री कवींद्र गुप्ता जी के शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित होकर, उन्हें राज्य की सर्वोच्च संवैधानिक जिम्मेदारी संभालने के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
पूर्ण विश्वास है कि उनके मार्गदर्शन में हिमाचल प्रदेश न्याय, पारदर्शिता और समग्र विकास के नए… pic.twitter.com/9S8FTtJpJA
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) March 10, 2026
राज्यपाल का संकल्प
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि वे सभी वर्गों को साथ लेकर राज्य के समग्र विकास और जनकल्याण के लिए काम करेंगे। राज्यपाल पद को वे निष्ठा से निभाएंगे।
आरएसएस से 13 साल की उम्र में जुड़ाव
गुप्ता का जन्म 2 दिसंबर 1959 को हुआ। 13 साल की उम्र में वे आरएसएस से जुड़े। 1978-79 में विहिप पंजाब इकाई के सचिव रहे। 2005-10 तक जम्मू के महापौर तीन बार चुने गए। भाजपा में महासचिव व भाजयुमो जम्मू-कश्मीर प्रमुख (1993-98) रहे।
उपमुख्यमंत्री से उपराज्यपाल तक
2014 में गांधीनगर से विधायक बने। 2018 में भाजपा-पीडीपी सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे। 14 जुलाई 2022 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें लद्दाख का तीसरा उपराज्यपाल बनाया।
पहला फैसला: रेरा संशोधन विधेयक पर
विधानसभा से पारित रेरा संशोधन विधेयक (मुख्य सचिव को चयन समिति अध्यक्ष बनाने वाला) पर उनका पहला निर्णय होगा। पूर्व राज्यपाल शुक्ल ने इसे सुझावों के साथ लौटाया था, अब सरकार ने दोबारा भेजा है।
शपथ समारोह में प्रमुख लोग
शिमला के लोक भवन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व सीएम जयराम ठाकुर, मंत्री धनीराम शांडिल, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, डीजीपी अशोक तिवारी समेत कई नेता-अधिकारी उपस्थित रहे। उनकी पत्नी बिंदु गुप्ता भी मौजूद रहीं।
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