सुंदरनगर(राकेश शर्मा): कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश जिला मंडी विकास खंड सुंदरनगर कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण आतमा मंडी द्वारा ग्राम पंचायत कलाहोड के शिकारी गांव में लगाए गए प्राकृतिक खेती द्वारा तैयार मिश्रित खेती के प्रदर्शन प्लॉट में जिला किन्नौर के विकास खण्ड पूह के लगभग 30 किसानों को भ्रमण करवाया गया तथा शुन्य लागत जहर मुक्त प्राकृतिक खेती के बारे में बताया गया।
सुंदरनगर और किन्नौर के किसानों ने प्राकृतिक खेती के बारे आपस में चर्चा की तथा अपने अनुभवों को भी सांझा किया। किन्नौर के किसानों ने कहा कि उन्हें इस भ्रमण कार्यक्रम में बहुत कुछ सीखने को मिला है। बावजूद इसके कि किन्नौर और सुंदरनगर के वातावरण में बहुत अंतर है फिर भी प्रशिक्षकों ने किन्नौर की जलवायु के अनुकूल प्राकृतिक खेती के टिप्स बताए।
सुंदरनगर कृषि विकास खण्ड के खण्ड तकनीकी प्रबंधक लेखराज ने बताया कि प्रदर्शन प्लॉट में मिश्रित खेती की गई है जिसमें गेहूं के बीच मटर और सरसों लगाई गई है। उन्होंने किसानों को मिश्रित खेती के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मिश्रित खेती में एक से अधिक फसलों को एक साथ लगाया जाता है। मिश्रित खेती का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इससे कम जगह में अधिक उत्पादन पाया जा सकता है। वहीं खाली जगह का अच्छा इस्तेमाल हो जाता है। मिश्रित खेती में किसान की आय 2-3 गुना तक बढ़ जाती है, क्योंकि लागत कम हो जाती है।

