शिमला/किन्नौर। सांगला कांडा से डोडरा क्वार की ओर जा रहे चरवाहों का दल रुपिन पास के समीप अचानक बिगड़े मौसम के कारण मुश्किल में फंस गया। भारी ओलावृष्टि, बर्फीले तूफान और लगातार हो रही बर्फबारी के बीच चरवाहों के फंसे होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संयुक्त रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
27 सितंबर को मिली सूचना के बाद पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त रेस्क्यू टीम गठित की गई। इसके बाद 29 और 30 सितंबर को टीम ने अत्यंत दुर्गम एवं जोखिम भरे क्षेत्र में पहुंचकर अभियान चलाया। भारी बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के बीच पुलिस जवानों ने साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए फंसे हुए सभी चरवाहों को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू अभियान के दौरान पुलिस टीम ने केवल लोगों की ही जान नहीं बचाई, बल्कि बर्फ में दब चुकी पशुधन की भी तलाश की। टीम ने बर्फ में दबी दो बकरियों और तीन भेड़ों को जीवित बाहर निकाला। इसके साथ ही करीब 1600 से 1700 भेड़-बकरियों को भी सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।
दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में लगातार खराब मौसम के बीच चलाया गया यह अभियान पुलिस टीम के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। कई स्थानों पर भारी बर्फबारी और बर्फीले तूफान के कारण रेस्क्यू कार्य में मुश्किलें आईं, लेकिन जवानों ने बिना हिम्मत हारे अभियान जारी रखा।
पुलिस टीम की इस कार्रवाई ने न केवल संकट में फंसे चरवाहों को सुरक्षित जीवन दिया, बल्कि पशुधन को भी बचाकर मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। विपरीत परिस्थितियों में पुलिस कर्मियों द्वारा अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना किए गए इस रेस्क्यू अभियान की सराहना की जा रही है।
📍 Location: शिमला (शिमला)

