Kullu Caridar Body Hits Back Over ‘Fake’ Caridars Claim : कुल्लू। देवी-देवता कारदार संघ कुल्लू के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने 136 कारदारों को फर्जी बताए जाने के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि संघ में कोई भी फर्जी कारदार नहीं है। उन्होंने कहा कि कारदारों की पात्रता जांच की प्रक्रिया पहले से चल रही है और यदि 136 कारदारों को फर्जी बताने के आरोप हैं तो ओम प्रकाश शर्मा 10 दिन के भीतर इसके ठोस सबूत पेश करें। उन्होंने कहा कि संघ संविधान के अनुसार कार्रवाई के साथ ही पात्र कारदारों को स्थायी आई-कार्ड जारी किए जाएंगे।
सभी 13 खंडों के कारदार संघ के सम्मानित सदस्य हैं। संघ का अपना संविधान है जिसके तहत 1972 तक देव रथ/पालकी में विराजमान, पुश्तैनी मंदिर वाले, नियमित पूजा-पद्धति वाले और 50 परिवार हारियान वाले सभी माफीदार व गैर-माफीदार देवी-देवता संघ के सदस्य हैं। संघ 1983 से निरंतर देव समाज के हित में कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि फर्जी कारदारों की पात्रता जांच का महत्वपूर्ण टास्क 2023 के जनरल हाउस ने वर्तमान कार्यकारिणी को सौंपा है, जो प्रक्रियाधीन है। इसी प्रक्रिया में कोई भी कारदार वंचित न रहे, इसलिए बर्ष 2025 में सेवा विस्तार दिया, हाल ही में फिर से 25 सितंबर 2026 के जनरल हाउस ने सर्वसम्मति से जिला व खंड कार्यकारिणियों को 31 मार्च 2027 तक सेवा विस्तार दिया है। 30 अप्रैल 2027 तक संघ के चुनाव करवाए जाएंगे।
पात्रता जांच के बाद ठोस सबूतों के आधार पर सभी पात्र कारदारों की बुकलेट और स्थायी आई-कार्ड जारी होंगे और उन्हीं के आधार पर चुनाव होंगे। राजस्व रिकॉर्ड में सिर्फ माफीदार देवी-देवताओं का नाम है, पर संघ के संविधान की शर्तों के तहत जिसके पुश्तैनी मंदिर है, तीज त्योहार होते हैं,जिनके हारीयान 50 परिबार है,बो सभी गैर-माफीदार देवी-देवता भी मान्य हैं, जो सैकड़ों वर्षों से अपनी परंपरा निभा रहे हैं। ठाकुर ने कहा कि जिन्हें फर्जी बताया जा रहा है, वे 25-30 वर्षों से अपने क्षेत्र में देव परंपरा निभा रहे हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुनाव जीतकर संघ में सक्रिय हैं। स्वयं ओम प्रकाश शर्मा सरबराया कारदार के तौर पर संघ में शामिल हुए थे।
वे 15 वर्षों से चैरिटेबल ट्रस्ट के काल्पनिक आंकड़ों का मायाजाल बुनकर देव सदन में फ्री के कमरे में बैठकर संघ को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ओम प्रकाश शर्मा 10 दिन के भीतर 136 कारदारों को फर्जी बताने के सबूत पेश नहीं करते, तो संघ संविधान के तहत उनके विरुद्ध कार्रवाई को बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि 2004 से 2026 तक जिला कारदार संघ के प्रस्ताब पर,देव सदन, अटल सदन, मंदिर जीर्णोद्धार योजना, 5 करोड़ का रिवॉल्विंग फंड, आधुनिक कैनोपी टेंट, बजंत्री भत्ता जो आज 22000 पहुंच चुका है, आदि उपलब्धियां 13 खंडों के प्रत्येक कारदार और बजंत्री भाइयों के सामूहिक प्रयासों से हैं।
ओम प्रकाश स्पष्ट करे कि 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह द्वारा जिला कुल्लू के 280 गैर माफीदार देवी देवताओं को प्रतिवर्ष 12 000 अनुदान देने की जो प्रपोजल तैयार की थी उसको किसने रोका, और अब 136 गैर माफीदा देवी देवताओं को मिल रहे नजराना राशि मिलने को चुनौती कौन दें रहा है, कारदार सब जानते है, बॉक्स हेतू हाल ही में बजंत्री भत्ते को लेकर उपजे विवाद पर अध्यक्ष दशहरा उत्सव समिति कुल्लू सुंदर सिंह ठाकुर की उपस्थिति में कारदार संघ और बजंत्री संघ के बीच सौहार्दपूर्ण वार्ता हुई है।

