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Kullu: ढालपुर में गूंजा तिब्बत की आजादी का मुद्दा, तिब्बती युवाओं ने चीन के खिलाफ किया प्रदर्शन

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ढालपुर: कुल्लू में रीजनल तिब्बती यूथ कांग्रेस के द्वारा डोभी ढालपुर मैदान तक पैदल मार्च निकाला गया। चीन के द्वारा नए कानून लागू करने के विरोध में रीजनल तिब्बती यूथ कांग्रेस ने यह प्रदर्शन किया. इस दौरान अपनी मांगो को लेकर भी बात रखी गई। इस प्रदर्शन में शामिल तिब्बती महिला तेंजिन नामदोल ने बताया कि 2 जुलाई को तिब्बती देशभक्त लोबगा रंगज़ेन ने तिब्बत और उसके लोगों के लिए आत्मदाह करके अपना बलिदान दिया है।

चीन के द्वारा लाये गए इस कानून के विरोध ने ही न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के सामने उन्होंने खुद को आग लगा ली। ऐसे में लोबगा रंगज़ेन ने अपने आखिरी वीडियो संदेश में साफ़ किया कि उनका यह कदम निजी निराशा की वजह से नहीं, बल्कि तिब्बती राष्ट्र के अस्तित्व को बचाने की गहरी चिंता के कारण था। तेंजिन ने कहा कि चीनी सरकार ऐसे कानून बना रही है। जिससे तिब्बत में रेहने वाले लोगो से उनकी संस्कृति और पहचान छीनी जा रही है। इसी के विरोध में आज यह प्रदर्शन किया जा रहा है। इस प्रदर्शन के जरिए उनकी मांग है कि चीन अपने इस कानून को वापिस ले।

वही, छेरिंग यूड़ोन ने कहा कि लोबगा रंगज़ेन ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के सामने सर्वोच्च बलिदान दिया। इसलिए हम संयुक्त राष्ट्र से आग्रह करते हैं कि वह तिब्बत में मानवाधिकारों की गंभीर स्थिति और उन हालात पर ध्यान देते हुए सार्थक और औपचारिक रूप से प्रतिक्रिया दे। वही आत्मदाह के लिए मजबूर किए गए तिब्बतियों के लिए जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने बताया कि पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना द्वारा कब्ज़ा किए जाने से पहले तिब्बत एक स्वतंत्र राष्ट्र था और आज भी चीनी कब्ज़े में है। हम अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से तिब्बत के ऐतिहासिक दर्जे को मान्यता देने और तिब्बती लोगों की आज़ादी और स्वतंत्रता को बहाल करने के अधिकार का समर्थन करने का आह्वान करते हैं।

📍 Location: कुल्लू (Kullu)

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