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कुल्लू में MSME उद्यमियों के लिए कार्यशाला आयोजित, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभों की दी जानकारी

कुल्लू: उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से रैम्प परियोजना के अंतर्गत कुल्लू में एक दिवसीय हितधारक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में 60 से अधिक उद्यमियों एवं हितधारकों ने भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता के अवसरों तथा व्यवसाय विकास से संबंधित पहलों के प्रति जागरूक करना रहा।

जिला उद्योग केंद्र, कुल्लू की प्रबंधक श्रीमती प्रवीण लता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने उद्यमियों से सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

कार्यशाला के दौरान रैम्प परियोजना के उद्देश्यों, एमएसएमई क्षेत्र के विकास में इसकी भूमिका तथा उद्यमियों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि इस परियोजना का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाना, उनके विकास में आने वाली चुनौतियों को दूर करना तथा उन्हें सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं से जोड़ना है।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की दी जानकारी

कार्यशाला में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के संबंध में विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। इसका संचालन सुश्री नताशा कटोच ने किया। उन्होंने योजना के उद्देश्यों, पात्रता मानदंडों तथा इसके अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न लाभों की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को सहायता प्रदान कर उनके कौशल, उत्पादों और आजीविका को सशक्त बनाना है। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण, प्रशिक्षण अवधि के दौरान निर्धारित वजीफा, आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए 15,000 रुपये तक का टूलकिट प्रोत्साहन तथा रियायती ब्याज दर पर बिना गारंटी ऋण की सुविधा प्रदान की जाती है।

इसके अतिरिक्त, लाभार्थियों को डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन और विपणन संबंधी सहायता भी उपलब्ध करवाई जाती है। इन सुविधाओं का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों के उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, बाजार तक उनकी पहुंच बढ़ाने तथा स्वरोजगार के अवसरों को मजबूत करना है।

कार्यशाला के माध्यम से जिला कुल्लू के उद्यमियों, पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता के अवसरों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही, क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के सतत विकास, रोजगार सृजन तथा आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

📍 Location: Kullu (Kullu)

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